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राजस्थानी भाषा एवं बोलियां PYQ in Hindi - पेज 19

इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थानी भाषा एवं बोलियां से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 219 प्रश्नों में से यह पेज 19 है।

181

निम्नलिखित बोलियों में से कौन-सी ढुंढाड़ी की उप बोली नहीं है -

📋 पूछा गया: JSA Chemistry-2019(Rajasthan Gk)
Aअहीरवाटी
Bतोरावाटी
Cराजावाटी
Dनागरचोल

सही उत्तर: अहीरवाटी

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स्रोत: JSA Chemistry-2019(Rajasthan Gk)

182

राजस्थानी भाषा के छन्दों के आधार पर रचित ‘पिंगल सिरोमणि’ ग्रन्थ के रचयिता हैं-

📋 पूछा गया: Asst. Agriculture Officer - 2018 (Paper-1)
Aकिसना आढ़ा
Bईसर दास
Cकरणीदान कविया
Dकुशल लाभ

सही उत्तर: कुशल लाभ

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स्रोत: Asst. Agriculture Officer - 2018 (Paper-1)

183

ढूंढाड़ी बोली के प्रचलित विविध रूपों में निम्न में से कौन सा सही नहीं है -

📋 पूछा गया: Asst. Agriculture Officer - 2018 (Paper-1)
Aतोरावाटी
Bनागरचोल
Cचौरासी
Dखेराड़ी

सही उत्तर: खेराड़ी

व्याख्या (Explanation)

पूर्वी राजस्थानी के मध्यपूर्वी भाग या प्राचीन ढूंढाड़ प्रदेश जिसका संबंध आमेर राज्य से रहा है की प्रधान बोली जयपुरी या ढूंढाड़ी है। ढूंढाड़ी की प्रमुख उपबोलियाँ – इसकी उपबोलियों में हाड़ौती, किशनगढ़ी, तोरावाटी, राजावाटी, अजमेरी, चौरासी, नागरचोल आदि प्रमुख हैं। खेराड़ी मारवाड़ी की उपबोली है।

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स्रोत: Asst. Agriculture Officer - 2018 (Paper-1)

184

मालवा प्रदेश के राजपूतों में प्रचलित मारवाड़ी और मालवी के सम्मिश्रण से उत्पन्न बोली का क्या नाम है -

📋 पूछा गया: Asst. Agriculture Officer - 2018 (Paper-1)
Aमालवी
Bरांगड़ी
Cमालड़ी
Dमेवाड़ी

सही उत्तर: रांगड़ी

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स्रोत: Asst. Agriculture Officer - 2018 (Paper-1)

185

निम्न में से कौन विद्वान हैं, जो राजस्थानी भाषा-बोलियों से सम्बन्धित कार्य के लिए नहीं जाने जाते -

📋 पूछा गया: Asst. Agriculture Officer - 2018 (Paper-1)
Aनोम चोम्स्की
Bजाॅर्ज अब्राहम ग्रियर्सन
Cडा. मोतीलाल मेनारिया
Dडा. हीरालाल माहेश्वरी

सही उत्तर: नोम चोम्स्की

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स्रोत: Asst. Agriculture Officer - 2018 (Paper-1)

186

निम्न में से बेमेल विकल्प चुनिए -

Aमारवाड़ी
Bढूंढाड़ी
Cवागड़ी
Dमेवाड़ी

सही उत्तर: ढूंढाड़ी

व्याख्या (Explanation)

ढंूढाड़ी (पूर्वी राजस्थानी) को छोड़कर बाकी सभी पश्चिमी राजस्थानी की प्रतिनिधि बोलियां हैं।

187

राजस्थानी की पहली/औपचारिक व्याकरण लिखी गई, निम्न के द्वारा -

Aजय सिम्हा सिद्धराजा
Bउदयोतन सूरी
Cभोज
Dहेमचन्द्र सूरी

सही उत्तर: हेमचन्द्र सूरी

व्याख्या (Explanation)

राजस्थानी भाषा की एक औपचारिक व्याकरण जैन भिक्षु और प्रख्यात विद्वान- हेमचंद्र सूरी द्वारा लिखी गई थी।

188

संत चरणदास का साहित्य किस बोली में मिलता है -

📋 पूछा गया: Asstt. Agriculture Officer(TSP) Exam 2015 Paper 1
Aढूढाडी
Bशेखावटी
Cमेवाती
Dतोरावटी

सही उत्तर: मेवाती

व्याख्या (Explanation)

सन्त लालदास, चरणदास, दयाबाई, सहजोबाई, डूंगरसिंह भीक, शक्के आदि की रचनाएँ मेवाती बोली में हैं। पूर्वोत्तर राजस्थान के अलवर, भरतपुर में ‘मेव’ जाति का आधिक्य होने इसे ‘मेवात क्षेत्र कहा गया है। इस क्षेत्र में मेवाती बोली का विशेष महत्त्व है।

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स्रोत: Asstt. Agriculture Officer(TSP) Exam 2015 Paper 1

189

डूंगरपुर-बांसवाड़ा क्षेत्र में कौन-सी भाषा बोली जाती है -

Aमारवाड़ी
Bमेवाती
Cवागड़ी
Dढूंढाड़ी

सही उत्तर: वागड़ी

व्याख्या (Explanation)

डूंगरपुर और बांसवाड़ा क्षेत्र में वागड़ी बोली बोली जाती है। यह राजस्थानी भाषा की एक बोली है और गुजराती भाषा से मिलती-जुलती है।

190

कवि सूर्यमल्ल मिश्रण ने अपनी पुस्तक ‘वीर सतसई’ किस भाषा में लिखी है -

Aडिंगल
Bप्राकृत
Cसंस्कृत
Dपिंगल

सही उत्तर: डिंगल

व्याख्या (Explanation)

कवि सूर्यमल्ल मिश्रण ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक ‘वीर सतसई’ डिंगल भाषा में लिखी है। डिंगल भाषा राजस्थान की एक प्राचीन और वीर रस प्रधान साहित्यिक भाषा है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से राजस्थानी वीरों की गाथाओं और प्रशंसा के लिए किया जाता था।

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