‘उच्च न्यायालय’ शब्द को भारत के संविधान के ______ के तहत परिभाषित किया गया है।
सही उत्तर: अनुच्छेद 366 (14)
स्रोत: Junior Legal Officer - 2023 (Paper-1) (Constitution of India)
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Indian Polity के न्यायालय से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 131 प्रश्नों में से यह पेज 7 है।
‘उच्च न्यायालय’ शब्द को भारत के संविधान के ______ के तहत परिभाषित किया गया है।
सही उत्तर: अनुच्छेद 366 (14)
स्रोत: Junior Legal Officer - 2023 (Paper-1) (Constitution of India)
पूर्व निर्णय का सिद्धान्त समाविष्ट है :
सही उत्तर: अनुच्छेद 141 में
स्रोत: Junior Legal Officer - 2023 (Paper-1) (Constitution of India)
निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है - क. संविधान के अनुच्छेद 215 के तहत प्रत्येक उच्च न्यायालय अभिलेख न्यायालय होगा। ख. अनुच्छेद 226 उच्च न्यायालय के रिट क्षेत्राधिकार से संबंधित है। ग. अनुच्छेद 214 घोषित करता है कि उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने की प्रक्रिया से संबंधित अनुच्छेद 124(4) व (5) का प्रावधान उच्च न्यायालय पर लागू होगा।
सही उत्तर: केवल क और ख
स्रोत: Junior Legal Officer - 2023 (Paper-1) (Constitution of India)
निम्नलिखित में से कौन सा कथन असत्य है -
सही उत्तर: अधीनस्थ न्यायालय अभिलेख न्यायालय हैं।
स्रोत: Jr. Acctt/TRA Re-Exam 2013 (Paper-2)
कौन सा संवैधानिक प्रावधान जिला न्यायाधीश की नियुक्ति सें संबंधित है -
सही उत्तर: अनुच्छेद 233
स्रोत: Junior Legal Officer - 2023 (Paper-1) (Constitution of India)
भारत में उच्च न्यायालय द्वारा लिया जाने वाला न्यायालय शुल्क निम्न के अंतर्गत आता है :
सही उत्तर: राज्य सूची
स्रोत: Junior Legal Officer - 2023 (Paper-1) (Constitution of India)
निम्नलिखित में से किस मामले में उच्चतम न्यायालय ने कहा कि “कानून के शासन के माध्यम से समतावादी सामाजिक व्यवस्था की स्थापना संविधान की मूल संरचना है” -
सही उत्तर: समथा बनाम आंध्र प्रदेश राज्य
स्रोत: Junior Legal Officer - 2023 (Paper-1) (Constitution of India)
भविष्यलक्षी विनिर्णय का सिद्धांत कौन से निर्णय (वाद) में अनुमोदित किया गया था -
सही उत्तर: गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य
स्रोत: Junior Legal Officer - 2023 (Paper-1) (Constitution of India)
उच्चतम न्यायालय ने किस मामले में पृथक्करणीयता का सिद्धांत प्रतिपादित किया -
सही उत्तर: आर.एम.डी.सी. बनाम भारत संघ
व्याख्या (Explanation)
पृथक्करणीयता का सिद्धांत (Doctrine of Severability) कहता है कि यदि किसी कानून का कोई हिस्सा असंवैधानिक है, तो केवल वही हिस्सा अमान्य होगा, बशर्ते वह हिस्सा कानून के बाकी हिस्सों से अलग किया जा सके। यह सिद्धांत उच्चतम न्यायालय ने आर.एम.डी.सी. बनाम भारत संघ (1957) मामले में प्रतिपादित किया।
स्रोत: Junior Legal Officer - 2023 (Paper-1) (Constitution of India)
निम्नलिखित कथनों का अध्ययन करके सही कोड चुनें : (क) प्रत्येक उच्च न्यायालय के पास सभी अदालतों और न्यायाधिकरणों पर अधीक्षण होगा उन सभी क्षेत्रों के संबंध में जिनके संबंध में यह क्षेत्राधिकार का प्रयोग करता है। (ख) अनुच्छेद 32 के तहत उच्चतम न्यायालय की रिट जारी करने की शक्तियाँ, अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय की रिट जारी करने की शक्तियों के दायरे से कम हैं। कोड :
सही उत्तर: (क) और (ख) दोनों सही हैं और (ख) कथन (क) को उचित नहीं ठहराता है।
स्रोत: Junior Legal Officer - 2023 (Paper-1) (Constitution of India)