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राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ PYQ in Hindi - पेज 10

इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 367 प्रश्नों में से यह पेज 10 है।

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मध्य पाषाणकालीन उपकरण चित्तौड़ में _____ नदी के किनारे और विराटनगर से मिले हैं।

📋 पूछा गया: RPSC EO/ RO Exam 2022 Shift-2
Aनीलपाड़ा
Bएल्ना
Cअश्वी
Dबेराच

सही उत्तर: बेराच

व्याख्या (Explanation)

पश्चिम राजस्थान में लूनी और उसकी सहायक नदियों, चित्तौड़ की बेड़च नदी घाटी और विराटनगर से मध्य पाषाणकालीन उपकरण प्राप्त हुए हैं।

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स्रोत: RPSC EO/ RO Exam 2022 Shift-2

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आहड़ को ताम्रवती नाम से भी जाना जाता था क्योंकि -

📋 पूछा गया: RPSC EO/ RO Exam 2022 Shift-2
Aजली हुई ईंट का निर्माण पाया गया।
Bअर्थव्यवस्था शिकार और पशुपालन पर आधारित थी।
Cबड़ी संख्या में ताँबे के औज़ार और उपकरण मिले हैं।
Dघर बनाने के लिए धूप में पकी ईंटों का उपयोग किया जाता था।

सही उत्तर: बड़ी संख्या में ताँबे के औज़ार और उपकरण मिले हैं।

व्याख्या (Explanation)

उदयपुर से तीन किलोमीटर दूर 500 मीटर लम्बे धूलकोट के नीचे आहड़ का पुराना कस्बा दवा हुआ है जहाँ से ताम्रयुगीन सभ्यता प्राप्त हुई है। यह सभ्यता बनास नदी पर स्थित है। ताम्र सभ्यता के रूप में प्रसिद्ध यह सभ्यता आयड़/बेड़च नदी के किनारे मौजूद थी। प्राचीन शिलालेखों में आहड़ का पुराना नाम ‘ताम्रवती’ अंकित है। यहां से बड़ी संख्या में ताँबे के औज़ार और उपकरण मिले हैं। तांबा गलाने की भट्टी मिली है।

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स्रोत: RPSC EO/ RO Exam 2022 Shift-2

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आहड़ में खुदाई के बाद एक 4000 साल पुरानी ताम्रपाषाणयुगीन संस्कृति की खोज की गई थी, जिसे _____ नामक एक टीले के नीचे दबा दिया गया था।

📋 पूछा गया: RPSC EO/ RO Exam 2022 Shift-2
Aपानी का टीला
Bअहरवाल
Cरामस्तूप
Dधूलकोट

सही उत्तर: धूलकोट

व्याख्या (Explanation)

उदयपुर से तीन किलोमीटर दूर 500 मीटर लम्बे धूलकोट के नीचे आहड़ का पुराना कस्बा दवा हुआ है जहाँ से ताम्रयुगीन सभ्यता प्राप्त हुई है। यह सभ्यता बनास नदी पर स्थित है। ताम्र सभ्यता के रूप में प्रसिद्ध यह सभ्यता आयड़/बेड़च नदी के किनारे मौजूद थी। प्राचीन शिलालेखों में आहड़ का पुराना नाम ‘ताम्रवती’ अंकित है। दसवीं व ग्याहरवीं शताब्दी में इसे ‘आघाटपुर’ अथवा ‘आघट दुर्ग’ के नाम से जाना जाता था। इसे ‘धूलकोट’ भी कहा जाता है।

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स्रोत: RPSC EO/ RO Exam 2022 Shift-2

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नीम का थाना में कांतली नदी के उद्गम पर खोजा गया ताम्र संस्कृति का महत्त्वपूर्ण स्थल कौन सा है -

Aगिलुंड
Bगणेश्वर
Cकालीबंगा
Dआहड़

सही उत्तर: गणेश्वर

व्याख्या (Explanation)

गणेश्वर का टीला, नीम का थाना में कांतली नदी के उद्गम स्थल पर अवस्थित है। गणेश्वर में रत्नचंद्र अग्रवाल ने 1977 में खुदाई कर इस सभ्यता पर प्रकाश डाला। इस क्षेत्र का विस्तृत उत्खनन कार्य 1978-89 के बीच विजय कुमार ने किया।

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1870 में, _____ ने बूँदी में जयपुर और इंद्रगढ़ से एक पुरापाषाण हाथ - कुल्हाड़ी (hand-axe) की खोज की।

📋 पूछा गया: RPSC EO/ RO Exam 2022 Shift-1
Aवी. एन. मिश्रा
Bआर. सी. अग्रवाल
Cए. जी. जॉन्स
Dसी. ए. हैकेट

सही उत्तर: सी. ए. हैकेट

व्याख्या (Explanation)

सन् 1870 में सी.ए. हैकट ने ‘हैण्डएक्स’ ‘एश्यूलियन’ व ‘क्लीवर’ जयपुर एवं इन्दरगढ़ से खोज निकाले थे, जो भारतीय संग्रहालय कलकत्ता में उपलब्ध हैं। राजस्थान में पुरातात्विक सर्वेक्षण कार्य सर्वप्रथम 1871 ई. में प्रारम्भ करने का श्रेय ए.सी.एल. कार्लाइल को दिया जाता है।

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स्रोत: RPSC EO/ RO Exam 2022 Shift-1

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निम्नलिखित पुरातत्त्वविदों में से किसने बैराठ का उत्खनन किया -

📋 पूछा गया: Senior Physical Education Teacher Exam - 2022 (Paper-I GK And Others)
Aवी. एन. मिश्र
Bके. एन. पुरी
Cडी. आर. साहनी
Dएच.डी. सांकलिया

सही उत्तर: डी. आर. साहनी

व्याख्या (Explanation)

प्राचीन मत्स्य जनपद की राजधानी विराटनगर (वर्तमान बैराठ) में ‘बीजक की पहाड़ी’, ‘भीमजी की डूँगरी’ मोती डूंगरी तथा ‘महादेवजी की डूँगरी’ आदि स्थानों पर उत्खनन कार्य दयाराम साहनी द्वारा 1936-37 में तथा पुनः 1962-63 में पुरातत्वविद् नीलरत्न बनर्जी तथा कैलाशनाथ दीक्षित द्वारा किया गया।

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स्रोत: Senior Physical Education Teacher Exam - 2022 (Paper-I GK And Others)

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निम्न में से कौन सा पुरावशेष कालीबंगा से सम्बन्धित नहीं है -

📋 पूछा गया: Senior Physical Education Teacher Exam - 2022 (Paper-I GK And Others)
Aदुर्गीकरण
Bशैल चित्र
Cअग्निवेदी
Dमृद्भांड

सही उत्तर: शैल चित्र

व्याख्या (Explanation)

शैल चित्र कालीबंगा से सम्बन्धित नहीं है।

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स्रोत: Senior Physical Education Teacher Exam - 2022 (Paper-I GK And Others)

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प्रागैतिहासिक स्थल, जहाँ से भारी मात्रा में ताम्र उपकरण प्राप्त हुए हैं :

📋 पूछा गया: Senior Physical Education Teacher Exam - 2022 (Paper-I GK And Others)
Aबैराठ
Bकालीबंगा
Cगणेश्वर
Dतिलवाड़ा

सही उत्तर: गणेश्वर

व्याख्या (Explanation)

गणेश्वर का टीला, नीम का थाना में कांतली नदी के उद्गम स्थल पर अवस्थित है। गणेश्वर में रत्नचंद्र अग्रवाल ने 1977 में खुदाई कर इस सभ्यता पर प्रकाश डाला। यहां से शुद्ध तांबे निर्मित तीर, भाले, तलवार, बर्तन, आभुषण, सुईयां मिले हैं। यहां से तांबे का निर्यात भी किया जाता था। सिंधु घाटी के लोगों को तांबे की आपूर्ति यहीं से होती थी।

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स्रोत: Senior Physical Education Teacher Exam - 2022 (Paper-I GK And Others)

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आहड़ के उत्खनन का कार्य सर्वप्रथम 1953 ई. में किसके नेतृत्व में हुआ -

📋 पूछा गया: Sr. Teacher Gr II Comp. Exam - 2022 (Sanskrit Edu.) Group B
Aरतनचन्द्र अग्रवाल
Bएच. डी. सांकलिया
Cवी. एन. मिश्र
Dअक्षय कीर्ति व्यास

सही उत्तर: अक्षय कीर्ति व्यास

व्याख्या (Explanation)

आहड़ के उत्खनन का कार्य सर्वप्रथम 1953 में अक्षय कीर्ति व्यास के नेतृत्व में हुआ। 1956 ई. में श्री रतचंद्र अग्रवाल की देखरेख में खनन कार्य हुआ। इसके उपरांत डॉ. एच.डी. सांकलिया, डेकन कॉलेज पूना, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग, राजस्थान तथा मेलबोर्न विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया के संयुक्त अभियान में वर्ष 1961-62 के दौरान इस स्थल का उत्खनन कार्य किया गया।

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स्रोत: Sr. Teacher Gr II Comp. Exam - 2022 (Sanskrit Edu.) Group B

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निम्न में से राजस्थान में ताम्र-युगीन सभ्यता का प्रारंभिक केन्द्र किसे माना जाता है -

📋 पूछा गया: Sr. Teacher Gr II Comp. Exam - 2022 (Sanskrit Edu.) Group A
Aबैराठ
Bबालाथल
Cगणेश्वर
Dआहड़

सही उत्तर: गणेश्वर

व्याख्या (Explanation)

गणेश्वर का टीला, नीम का थाना में कांतली नदी के उद्गम स्थल पर अवस्थित है। गणेश्वर में रत्नचंद्र अग्रवाल ने 1977 में खुदाई कर इस सभ्यता पर प्रकाश डाला। इस क्षेत्र का विस्तृत उत्खनन कार्य 1978-89 के बीच विजय कुमार ने किया। डी.पी. अग्रवाल ने रेडियो कार्बन विधि एवं तुलनात्मक अध्ययन के आधार पर इस स्थल की तिथि 2800 ईसा पूर्व निर्धारित की है अर्थात् गणेश्वर सभ्यता पूर्व-हड़प्पा कालीन सभ्यता है। ताम्रयुगीन सांस्कृतिक केन्द्रों में से प्राप्त तिथियों में यह प्राचीनतम् है। इस प्रकार गणेश्वर संस्कृति को निर्विवाद रूप से ‘भारत में ताम्रयुगीन सभ्यताओं की जननी’ माना जा सकता है।

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स्रोत: Sr. Teacher Gr II Comp. Exam - 2022 (Sanskrit Edu.) Group A

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