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राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ PYQ in Hindi - पेज 11

इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 367 प्रश्नों में से यह पेज 11 है।

101

निम्न में से कौन कालीबंगा पुरातत्त्व स्थल की खुदाई में बी. बी. लाल के सहयोगी नहीं रहे -

📋 पूछा गया: Sr. Teacher Gr II Comp. Exam - 2022 (Sanskrit Edu.) Group A
Aए. त्रिपाठी
Bएम.डी. खरे
Cके. एम. श्रीवास्तव
Dएस. पी. जैन

सही उत्तर: ए. त्रिपाठी

व्याख्या (Explanation)

का पता ‘पुरातत्व विभाग के निदेशक ए. एन. घोष’ ने सन् 1952 में लगाया था। इस स्थान का उत्खनन कार्य सन् 1961 से 1969 के मध्य 'श्री बी. बी. लाल', 'श्री बी. के. थापर', 'श्री डी. खरे', के. एम. श्रीवास्तव एवं 'श्री एस. पी. श्रीवास्तव' के निर्देशन में सम्पादित हुआ था। कालीबंगा स्वतंत्र भारत का वह पहला पुरातात्विक स्थल है जिसका स्वतंत्रता के बाद पहली बार उत्खनन किया गया तत्पश्चात् रोपड़ का उत्खनन किया गया।

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स्रोत: Sr. Teacher Gr II Comp. Exam - 2022 (Sanskrit Edu.) Group A

102

निम्नलिखित में से किस प्राचीन सभ्यता में सम्राट अशोक के दो शिलालेख पाये जाते हैं -

📋 पूछा गया: Sr. Teacher Gr II Comp. Exam - 2022 (G.K. & Edu. Psychology) Group D
Aबनास
Bगणेश्वर
Cकालीबंगा
Dबैराठ

सही उत्तर: बैराठ

व्याख्या (Explanation)

इस स्थल की प्रांरंभिक और सर्वप्रथम खोज का कार्य 1837 ई. में कैप्टन बर्ट द्वारा किया गया। इन्होंने विराटनगर में मौर्य सम्राट अशोक का प्रथम भाब्रू शिलालेख खोज निकाला और यह 1840 ई. से एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल, कलकत्ता संग्रहालय में सुरक्षित है। इसे ‘भाब्रू शिलालेख’ और ‘बैराठ-कलकत्ता शिलालेख’ कहा जाता है। 1871-72 ई. में कनिंघम के सहायक डॉ. कार्लाइल ने पुनः इस क्षेत्र का निरीक्षण किया। इन्होंने भीमसेन की पहाड़ी में अशोक का दूसरा शिलालेख खोज निकाला।

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स्रोत: Sr. Teacher Gr II Comp. Exam - 2022 (G.K. & Edu. Psychology) Group D

103

निम्नलिखित में से कौन सी सभ्यता कांतली नदी के उद्गम पर स्थित है -

📋 पूछा गया: Sr. Teacher Gr II Comp. Exam - 2022 (G.K. & Edu. Psychology) Group C
Aरंगमहल
Bबैराठ
Cगणेश्वर
Dकालीबंगा

सही उत्तर: गणेश्वर

व्याख्या (Explanation)

गणेश्वर का टीला, नीम का थाना में कांतली नदी के उद्गम स्थल पर अवस्थित है। गणेश्वर में रत्नचंद्र अग्रवाल ने 1977 में खुदाई कर इस सभ्यता पर प्रकाश डाला। इस क्षेत्र का विस्तृत उत्खनन कार्य 1978-89 के बीच विजय कुमार ने किया।

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स्रोत: Sr. Teacher Gr II Comp. Exam - 2022 (G.K. & Edu. Psychology) Group C

104

निम्नलिखित में से किस संस्कृति को ‘बनास संस्कृति’ भी कहा जाता है -

📋 पूछा गया: CET 2022 (12th Level) 11 February 2023 Shift-2
Aरैंड संस्कृति
Bबैरीठ संस्कृति
Cआहड़ संस्कृति
Dदृषद्वती संस्कृति

सही उत्तर: आहड़ संस्कृति

व्याख्या (Explanation)

उदयपुर से तीन किलोमीटर दूर 500 मीटर लम्बे धूलकोट के नीचे आहड़ का पुराना कस्बा दवा हुआ है जहाँ से ताम्रयुगीन सभ्यता प्राप्त हुई है। यह सभ्यता बनास नदी पर स्थित है। ताम्र सभ्यता के रूप में प्रसिद्ध यह सभ्यता आयड़/बेड़च नदी के किनारे मौजूद थी।

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स्रोत: CET 2022 (12th Level) 11 February 2023 Shift-2

105

धूलकोट कहाँ स्थित है -

Aआहड़ में
Bकालीबंगा में
Cबालाथल में
Dबैराठ में

सही उत्तर: आहड़ में

व्याख्या (Explanation)

उदयपुर से तीन किलोमीटर दूर 500 मीटर लम्बे धूलकोट के नीचे आहड़ का पुराना कस्बा दवा हुआ है जहाँ से ताम्रयुगीन सभ्यता प्राप्त हुई है। यह सभ्यता बनास नदी पर स्थित है। ताम्र सभ्यता के रूप में प्रसिद्ध यह सभ्यता आयड़/बेड़च नदी के किनारे मौजूद थी। प्राचीन शिलालेखों में आहड़ का पुराना नाम ‘ताम्रवती’ अंकित है। दसवीं व ग्याहरवीं शताब्दी में इसे ‘आघाटपुर’ अथवा ‘आघट दुर्ग’ के नाम से जाना जाता था। इसे ‘धूलकोट’ भी कहा जाता है।

106

आहड़ का उत्खनन कार्य किसके नेतृत्व में निष्पादित हुआ था -

📋 पूछा गया: CET 2022 (12th Level) 05 February 2023 Shift-1
Aएच. डी. सांकलिया
Bबी. बी. लाल
Cवी. एस. वाकणकर
Dवी. एन. मिश्रा

सही उत्तर: एच. डी. सांकलिया

व्याख्या (Explanation)

आहड़ के उत्खनन का कार्य सर्वप्रथम 1953 में अक्षय कीर्ति व्यास के नेतृत्व में हुआ। 1956 ई. में श्री रतचंद्र अग्रवाल की देखरेख में खनन कार्य हुआ। इसके उपरांत डॉ. एच.डी. सांकलिया, डेकन कॉलेज पूना, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग, राजस्थान तथा मेलबोर्न विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया के संयुक्त अभियान में वर्ष 1961-62 के दौरान इस स्थल का उत्खनन कार्य किया गया।

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स्रोत: CET 2022 (12th Level) 05 February 2023 Shift-1

107

किस सभ्यता में अच्छी विकसित प्राचीर युक्त किलेबंदी के अवशेष मिले हैं -

📋 पूछा गया: CET 2022 (12th Level) 05 February 2023 Shift-1
Aगणेश्वर
Bकालीबंगा
Cबालाथल
Dपीलीबंगा

सही उत्तर: कालीबंगा

व्याख्या (Explanation)

हरियाणा में राखीगढ़ी एवं गुजरात में धौलावीरा के बाद राजस्थान में कालीबंगा देश का तीसरा सबसे बड़ा पुरातात्विक स्थल है। यह नगर दो भागों में विभाजित है और दोनों भाग सुरक्षा दिवार(परकोटा) से घिरे हुए हैं।

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स्रोत: CET 2022 (12th Level) 05 February 2023 Shift-1

108

आहड़ का उत्खनन कार्य किसके नेतृत्व में सम्पादित हुआ था -

📋 पूछा गया: CET 2022 (12th Level) 04 February 2023 Shift-2
Aवी. एन. मिश्रा
Bवी.एस. वाकणकर
Cएच.डी. सांकलिया
Dबी.बी. लाल

सही उत्तर: एच.डी. सांकलिया

व्याख्या (Explanation)

आहड़ स्थल के उत्खनन का कार्य सर्वप्रथम 1953 में अक्षय कीर्ति व्यास के नेतृत्व में हुआ। 1956 ई. में श्री रतचंद्र अग्रवाल की देखरेख में खनन कार्य हुआ। इसके उपरांत डॉ. एच.डी. सांकलिया, डेकन कॉलेज पूना, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग, राजस्थान तथा मेलबोर्न विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया के संयुक्त अभियान में वर्ष 1961-62 के दौरान इस स्थल का उत्खनन कार्य किया गया।

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स्रोत: CET 2022 (12th Level) 04 February 2023 Shift-2

109

निम्नलिखित में से किस सभ्यता में आवास एवं बस्तियां बनाने में ईंटों का प्रयोग नहीं होता था -

📋 पूछा गया: CET 2022 (12th Level) 04 February 2023 Shift-1
Aगणेश्वर
Bनूह
Cकालीबंगा
Dपीलीबंगा

सही उत्तर: गणेश्वर

व्याख्या (Explanation)

गणेश्वर सभ्यता में आवास और बस्तियां बनाने में ईंटों का प्रयोग नहीं होता था।

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स्रोत: CET 2022 (12th Level) 04 February 2023 Shift-1

110

निम्नलिखित में से किस एक अभिकरण ने कालीबंगा के उत्खनन कार्य का उत्तरदायित्व सँभाला -

📋 पूछा गया: CET 2022 (12th Level) 04 February 2023 Shift-1
Aमेलबोर्न विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया
Bराजस्थान पुरातत्त्व एवं संग्रहालय विभाग, जयपुर
Cभारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण, नई दिल्ली
Dडेक्कन कॉलेज, पुणे

सही उत्तर: भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण, नई दिल्ली

व्याख्या (Explanation)

अमलानंद घोष ने कालीबंगा सभ्यता की खोज की थी। इस साइट की खोज इतालवी भारतविद और भाषाविद् लुइगी पियो टेसिटोरी ने की थी। 1952 में आजादी के बाद, अमलानंद घोष ने हड़प्पा सभ्यता के हिस्से के रूप में स्थल की पहचान की और इसे खुदाई के लिए चिन्हित किया। बाद में, 1961-69 के दौरान, बी. बी. लाल और बालकृष्ण थापर द्वारा खुदाई की गई। अमलानंद घोष 1953 से 1968 तक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के निदेशक थे।

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स्रोत: CET 2022 (12th Level) 04 February 2023 Shift-1

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