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राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ PYQ in Hindi - पेज 9

इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 367 प्रश्नों में से यह पेज 9 है।

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प्रागैतिहासिक स्थल बागोर का सर्वप्रथम उत्खनन किसके निर्देशन में किया गया था -

📋 पूछा गया: Statistical Office Exam - 2023 (GK)
Aबी.बी. लाल
Bबी.के. थापर
Cवी.एन. मिश्रा
Dए. घोष

सही उत्तर: वी.एन. मिश्रा

व्याख्या (Explanation)

भीलवाड़ा कस्बे से 25 किलोमीटर दूर कोठारी नदी के किनारे वर्ष 1967-68 में डॉ. वीरेंद्रनाथ मिश्र, डॉ. एल.एस. लेश्निक व डेक्कन कॉलेज पूना और राजस्थान पुरातत्व विभाग के सहयोग से की गयी खुदाई में 3000 ई.पू. से लेकर 500 ई.पू. तक के काल की बागौर सभ्यता का पता लगा।

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स्रोत: Statistical Office Exam - 2023 (GK)

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निम्नलिखित में से कौन सा स्थान राजस्थान में पशु पालन का सबसे प्राचीन प्रमाण प्रस्तुत करता है -

📋 पूछा गया: Agriculture Supervisor Exam 2023
Aबागोर
Bकालीबंगा
Cजयपुर
Dअलवर

सही उत्तर: बागोर

व्याख्या (Explanation)

भीलवाड़ा कस्बे से 25 किलोमीटर दूर कोठारी नदी के किनारे वर्ष 1967-68 में डॉ. वीरेंद्रनाथ मिश्र, डॉ. एल.एस. लेश्निक व डेक्कन कॉलेज पूना और राजस्थान पुरातत्व विभाग के सहयोग से की गयी खुदाई में 3000 ई.पू. से लेकर 500 ई.पू. तक के काल की बागौर सभ्यता का पता लगा। बागौर से कृषि एवं पशुपालन के प्राचीनतम् साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।

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स्रोत: Agriculture Supervisor Exam 2023

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निम्नलिखित किस प्राचीन स्थल के उत्खनन में मालव जनपद की लौह सामग्री के विशाल संग्रह की जानकारी प्राप्त हुई है -

📋 पूछा गया: RAS (Pre) Exam - 2023
Aनगर (नैनवाँ)
Bनगरी (मध्यमिका)
Cसांभर
Dरैढ़ (टोंक)

सही उत्तर: रैढ़ (टोंक)

व्याख्या (Explanation)

राजस्थान में नोह (भरतपुर), जोधपुरा (जयपुर), सुनारी (झुंझुनूं), रैढ़ (टोंक) आदि स्थानों से लौह संस्कृति के समय के अनेक हथियार और उपकरण मिले हैं। नोह से प्राप्त लौहे के अवशेष भारत में युग के आरम्भ होने की सीमा रेखा निर्धारित करने के महत्त्वपूर्ण स्रोत हैं । रैढ़ को तो लौह सामग्री की प्रचुरता के कारण प्राचीन राजस्थान के टाटानगर की संज्ञा दी गई है। मालव जनपद का समीकरण टोंक जिले में स्थित नगर या ककोर्टनगर से किया जाता है।

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स्रोत: RAS (Pre) Exam - 2023

84

प्राचीन ऐतिहासिक स्थल नगर अवस्थित है -

📋 पूछा गया: Veterinary Officer Exam 2019
Aचित्तौड़गढ़ में
Bउदयपुर में
Cटोंक में
Dजयपुर में

सही उत्तर: टोंक में

व्याख्या (Explanation)

नगर का प्राचीन टीला राजस्थान के टोंक जिले में स्थित है। यह मालवा गणराज्य की राजधानी थी और इस स्थान का प्राचीन नाम करकोटा नगर था।

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स्रोत: Veterinary Officer Exam 2019

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पुरातात्विक स्थल गिलुण्ड संबद्ध है -

📋 पूछा गया: Veterinary Officer Exam 2019
Aताम्रपाषाणिक संस्कृति से
Bमध्यपाषाणिक संस्कृति से
Cनवपाषाणिक संस्कृति से
Dपुरापाषाणिक संस्कृति से

सही उत्तर: ताम्रपाषाणिक संस्कृति से

व्याख्या (Explanation)

गिलुंड राजसमंद जिले में स्थित एक गाँव और पुरातात्विक स्थल है। यह आहड़-बनास ताम्रपाषाण संस्कृति का हिस्सा है।

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स्रोत: Veterinary Officer Exam 2019

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भरतपुर जिले के किस गाँव में उत्खनन से ताम्रयुगीन सभ्यता के अवशेष मिले हैं -

📋 पूछा गया: Food Safety Officer - 2022
Aनदबई
Bनोह
Cरूपबास
Dकुम्हेर

सही उत्तर: नोह

व्याख्या (Explanation)

भरतपुर जिले के नोह गांव में 1963-64 में श्री रतनचन्द्र अग्रवाल के निर्देशन में की गई खुदाई में ताम्रयुगीन सभ्यता के अवशेष मिले हैं। यह स्थल भरतपुर जिले में रूपारेल नदी के तट पर स्थित है।

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स्रोत: Food Safety Officer - 2022

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निम्नांकित में किस इतिहासवेत्ता ने कालीबंगा को सिन्धु घाटी साम्राज्य की तृतीय राजधानी कहा हैं -

Aजी.एच.ओझा
Bश्यामल दास
Cदशरथ शर्मा
Dदयाराम साहनी

सही उत्तर: दशरथ शर्मा

व्याख्या (Explanation)

यदि हड़प्पा और मोहनजोदड़ों को सैंधव सभ्यता की दो राजधानियां माना जा सकता है तो दशरथ शर्मा के अनुसार कालीबंगा को सैंधव सभ्यता की तीसरी राजधानी कहा जा सकता है।

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पुरातत्वविद् नील रत्न बनर्जी और कैलाश नाथ दीक्षित निम्नलिखित किस पुरास्थल के उत्खनन से सम्बद्ध रहे हैं -

📋 पूछा गया: Sr. Teacher Gr II (Sec. Edu.) Exam - 2022 (G.K. Group - B) (Re-Exam)
Aकालीबंगा
Bबैराठ
Cआहड़
Dगणेश्वर

सही उत्तर: बैराठ

व्याख्या (Explanation)

प्राचीन मत्स्य जनपद की राजधानी विराटनगर (वर्तमान बैराठ) में ‘बीजक की पहाड़ी’, ‘भीमजी की डूँगरी’ मोती डूंगरी तथा ‘महादेवजी की डूँगरी’ आदि स्थानों पर उत्खनन कार्य दयाराम साहनी द्वारा 1936-37 में तथा पुनः 1962-63 में पुरातत्वविद् नीलरत्न बनर्जी तथा कैलाशनाथ दीक्षित द्वारा किया गया।

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स्रोत: Sr. Teacher Gr II (Sec. Edu.) Exam - 2022 (G.K. Group - B) (Re-Exam)

89

गिलूण्ड और भगवानपुरा किस सभ्यता से संबंधित हैं -

📋 पूछा गया: Sr. Teacher Gr II (Sec. Edu.) Exam - 2022 (G.K. Group - B) (Re-Exam)
Aआहड़
Bकालीबंगा
Cगणेश्वर
Dबैराठ

सही उत्तर: आहड़

व्याख्या (Explanation)

सन् 1957-58 में प्रो. बी.बी. लाल ने गिलूण्ड (राजसमन्द) पुरास्थल का उत्खनन किया। गिलूंड और भगवानपुरा, आहड़-बनास सभ्यता से संबंधित हैं।

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स्रोत: Sr. Teacher Gr II (Sec. Edu.) Exam - 2022 (G.K. Group - B) (Re-Exam)

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निम्न में से किस सभ्यता को भारत में सभी ताम्रयुगीन सभ्यताओं की जननी माना जाता है -

📋 पूछा गया: Sr. Teacher Gr II (Sec. Edu.) Exam - 2022 (G.K. Group - B) (Re-Exam)
Aआहड़
Bगिलूण्ड
Cकालीबंगा
Dगणेश्वर

सही उत्तर: गणेश्वर

व्याख्या (Explanation)

गणेश्वर का टीला, नीम का थाना में कांतली नदी के उद्गम स्थल पर अवस्थित है। गणेश्वर में रत्नचंद्र अग्रवाल ने 1977 में खुदाई कर इस सभ्यता पर प्रकाश डाला। इस क्षेत्र का विस्तृत उत्खनन कार्य 1978-89 के बीच विजय कुमार ने किया। डी.पी. अग्रवाल ने रेडियो कार्बन विधि एवं तुलनात्मक अध्ययन के आधार पर इस स्थल की तिथि 2800 ईसा पूर्व निर्धारित की है अर्थात् गणेश्वर सभ्यता पूर्व-हड़प्पा कालीन सभ्यता है। ताम्रयुगीन सांस्कृतिक केन्द्रों में से प्राप्त तिथियों में यह प्राचीनतम् है। इस प्रकार गणेश्वर संस्कृति को निर्विवाद रूप से ‘भारत में ताम्रयुगीन सभ्यताओं की जननी’ माना जा सकता है।

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स्रोत: Sr. Teacher Gr II (Sec. Edu.) Exam - 2022 (G.K. Group - B) (Re-Exam)

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