बालाथल राजस्थान के किस जिले में है -
सही उत्तर: उदयपुर
व्याख्या (Explanation)
सन् 1993 में वी.एन. मिश्र द्वारा ई.पू. 3000 से लेकर ई.पू. 2500 तक की ताम्रपाषाण युगीन संस्कृति के बारे में पता चला है। बालाथल उदयपुर जिले की वल्लभनगर तहसील में स्थित है।
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 367 प्रश्नों में से यह पेज 30 है।
बालाथल राजस्थान के किस जिले में है -
सही उत्तर: उदयपुर
व्याख्या (Explanation)
सन् 1993 में वी.एन. मिश्र द्वारा ई.पू. 3000 से लेकर ई.पू. 2500 तक की ताम्रपाषाण युगीन संस्कृति के बारे में पता चला है। बालाथल उदयपुर जिले की वल्लभनगर तहसील में स्थित है।
निम्नलिखि में से किस स्थल से ‘जाखबाबा’ प्रतिमा प्राप्त हुई है -
सही उत्तर: नोह
व्याख्या (Explanation)
नोह के काले एवं लाल मृद्पात्रों के स्तर से लोहे की उपस्थिति के कुछ प्रमाण मिले हैं। जाखबाबा की मूर्ति नोह, भरतपुर में मिली है।
स्रोत: JSA Biology-2019(Rajasthan Gk)
गणेश्वर की सभ्यता ....... में स्थित थी -
सही उत्तर: नीम का थाना
व्याख्या (Explanation)
गणेश्वर का टीला, नीम का थाना में कांतली नदी के उद्गम स्थल पर अवस्थित है। गणेश्वर में रत्नचंद्र अग्रवाल ने 1977 में खुदाई कर इस सभ्यता पर प्रकाश डाला। इस क्षेत्र का विस्तृत उत्खनन कार्य 1978-89 के बीच विजय कुमार ने किया।
स्रोत: JSA Chemistry-2019(Rajasthan Gk)
किस संस्कृति से जुड़े स्थल प्रमुख रूप से बनास तथा उसकी सहायक नदियों की घाटियों में प्राप्त हुए हैं -
सही उत्तर: आहड़ संस्कृति
व्याख्या (Explanation)
उदयपुर से तीन किलोमीटर दूर 500 मीटर लम्बे धूलकोट के नीचे आहड़ का पुराना कस्बा दवा हुआ है जहाँ से ताम्रयुगीन सभ्यता प्राप्त हुई है। यह सभ्यता बनास नदी पर स्थित है। ताम्र सभ्यता के रूप में प्रसिद्ध यह सभ्यता आयड़/बेड़च नदी के किनारे मौजूद थी।
स्रोत: Asst. Agriculture Officer - 2018 (Paper-1)
प्ररातात्विक स्थलों के संदर्भ में असुमेलित युग्म है -
सही उत्तर: भानगढ़ - झुंझुनूं
व्याख्या (Explanation)
भानगढ़ अलवर में एक पुरातात्विक स्थल है।
त्रिरत्न, स्वास्तिक चिन्ह व दहिया के चिन्ह्न प्राप्त हुए हैं -
सही उत्तर: बैराठ
व्याख्या (Explanation)
बैराठ से अनेक अंलकारिक मृद्भाण्ड प्राप्त हुये हैं, जिन पर अनेक प्रकार की आकृतियां अंकित थी, जैसे - त्रिरत्न, स्वास्तिक चिह्न, दहिया के चिन्ह्न आदि।
ताम्र संस्कृति के चिन्ह किस जिले में उपलब्ध है -
सही उत्तर: उदयपुर
व्याख्या (Explanation)
उदयपुर से तीन किलोमीटर दूर 500 मीटर लम्बे धूलकोट के नीचे आहड़ का पुराना कस्बा दवा हुआ है जहाँ से ताम्रयुगीन सभ्यता प्राप्त हुई है। यह सभ्यता बनास नदी पर स्थित है। ताम्र सभ्यता के रूप में प्रसिद्ध यह सभ्यता आयड़/बेड़च नदी के किनारे मौजूद थी।
प्राचीन नगर जो महाभारत और महाभाष्य दोनों में उल्लेखित हैं -
सही उत्तर: मध्यमिका(नगरी)
व्याख्या (Explanation)
चित्तौड़गढ़ के पास स्थित नगरी को पाणिनी की अष्टाध्यायी में उल्लिखित ‘माध्यमिका’ माना जाता है। जो बेड़च नदी के तट पर स्थित था। नगरी शिवि जनपद की राजधानी रही है। 1872 ई. में कार्लाइल द्वारा इसकी खोज की गई। 1919-20 ई. में डी.आर. भंडारकर एवं 1961-62 ई. में के.बी. सौन्दर राजन द्वारा यहाँ उत्खनन करवाया गया।
बागोर सभ्यता किस नदी के किनारे पर अवस्थित थी -
सही उत्तर: कोठारी नदी
व्याख्या (Explanation)
भीलवाड़ा कस्बे से 25 किलोमीटर दूर कोठारी नदी के किनारे वर्ष 1967-68 में डॉ. वीरेंद्रनाथ मिश्र, डॉ. एल.एस. लेश्निक व डेक्कन कॉलेज पूना और राजस्थान पुरातत्व विभाग के सहयोग से की गयी खुदाई में 3000 ई.पू. से लेकर 500 ई.पू. तक के काल की बागौर सभ्यता का पता लगा।
राजस्थान के किस जिले में गणेश्वर स्थल स्थित है -
सही उत्तर: नीम का थाना
व्याख्या (Explanation)
गणेश्वर का टीला, नीम का थाना में कांतली नदी के उद्गम स्थल पर अवस्थित है। गणेश्वर में रत्नचंद्र अग्रवाल ने 1977 में खुदाई कर इस सभ्यता पर प्रकाश डाला। इस क्षेत्र का विस्तृत उत्खनन कार्य 1978-89 के बीच विजय कुमार ने किया।