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राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ PYQ in Hindi - पेज 31

इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 367 प्रश्नों में से यह पेज 31 है।

301

निम्न में से राजस्थान की ताम्र-युगीन सभ्यता में सबसे प्रमुख सभ्यता कौनसी है -

📋 पूछा गया: Supervisor (women empowerment) Exam 2018
Aआहड़
Bकालीबंगा
Cबैराठ
Dबागोर

सही उत्तर: आहड़

व्याख्या (Explanation)

उदयपुर से तीन किलोमीटर दूर 500 मीटर लम्बे धूलकोट के नीचे आहड़ का पुराना कस्बा दवा हुआ है जहाँ से ताम्रयुगीन सभ्यता प्राप्त हुई है। यह सभ्यता बनास नदी पर स्थित है। ताम्र सभ्यता के रूप में प्रसिद्ध यह सभ्यता आयड़/बेड़च नदी के किनारे मौजूद थी।

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स्रोत: Supervisor (women empowerment) Exam 2018

302

दो मुंह का चूल्हा व बहुत प्रकार के बर्तनों के साथ सिलबट्टा व पैन निम्नलिखित में से किस स्थान से खुदाई में मिले थे -

Aआहड़
Bकालीबंगा
Cबागौर
Dगणेश्वर

सही उत्तर: आहड़

व्याख्या (Explanation)

उदयपुर से तीन किलोमीटर दूर 500 मीटर लम्बे धूलकोट के नीचे आहड़ का पुराना कस्बा दवा हुआ है जहाँ से ताम्रयुगीन सभ्यता प्राप्त हुई है। यह सभ्यता बनास नदी पर स्थित है। यहां से दो मुंह का चूल्हा मिला है।

303

निम्नलिखित में से कौनसा काल कालीबंगा सभ्यता से सम्बन्धित है -

A2500 ई. पू. से 1500 ई. पू.
B6000 ई.पू. से 4500 ई.पू.
C1500 ई.पू. से 500 ई.पू.
D2500 ई. से 1500 ई.

सही उत्तर: 2500 ई. पू. से 1500 ई. पू.

व्याख्या (Explanation)

कालीबंगा प्राचीन सरस्वती नदी के बाएं तट पर जिला मुख्यालय हनुमानगढ़ से लगभग 25 किमी. दक्षिण में स्थित है। वर्तमान में यहाँ घग्घर नदी बहती है। कालीबंगा में पूर्व हड़प्पाकालीन, ‘हड़प्पाकालीन’ तथा ‘उत्तर हड़प्पाकालीन’ सभ्यता के अवशेष प्राप्त हुए हैं। कालीबंगा के टीलों की खुदाई के दौरान दो भिन्न कालों की सभ्यता प्राप्त हुई है। पहला भाग 2400 ई. पू. से 2250 ई. पू. का है तथा दूसरा भाग 2200 ई.पू. से 1700 ई. पू. का है।

304

सात अग्नि वेदिकाओं की पंक्ति प्राप्त हुई है -

📋 पूछा गया: 2nd Grade Teacher (SANSKRIT EDUCATION) Comp. Exam-2018 (Group -A)
Aकालीबंगा
Bअहाड़
Cबैराठ
Dगणेश्वर

सही उत्तर: कालीबंगा

व्याख्या (Explanation)

कालीबंगा प्राचीन सरस्वती नदी के बाएं तट पर जिला मुख्यालय हनुमानगढ़ से लगभग 25 किमी. दक्षिण में स्थित है। वर्तमान में यहाँ घग्घर नदी बहती है। कालीबंगा में पूर्व हड़प्पाकालीन, ‘हड़प्पाकालीन’ तथा ‘उत्तर हड़प्पाकालीन’ सभ्यता के अवशेष प्राप्त हुए हैं। यहां से ईटों से निर्मित चबुतरे पर सात अग्नि कुण्ड प्राप्त हुए है जिसमें राख एवम् पशुओं की हड्डियां प्राप्त हुई है।

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स्रोत: 2nd Grade Teacher (SANSKRIT EDUCATION) Comp. Exam-2018 (Group -A)

305

अहाड़ के उत्खनन से प्राप्त कौन सी सामग्री बाह्य सम्पर्को का संकेत देती है -

Aटेराकोटा मनके
Bताम्र उपकरण
Cसैलखड़ी मनके
Dलेपिस लाजुली

सही उत्तर: लेपिस लाजुली

व्याख्या (Explanation)

अफगानिस्तान में शॉर्टुघई जैसी साइटें लापीस लाजुली का सबसे अच्छा स्रोत थीं। लापीस लाजुली उच्च मूल्य का नीला पत्थर था।

306

किस ताम्रपाषाणिक स्थल पर सबसे ज्यादा ताम्र सामग्री प्राप्त हुई है -

Aगणेश्वर
Bअहाड़
Cबैराठ
Dकालीबंगा

सही उत्तर: गणेश्वर

व्याख्या (Explanation)

गणेश्वर का टीला, नीम का थाना में कांतली नदी के उद्गम स्थल पर अवस्थित है। गणेश्वर में रत्नचंद्र अग्रवाल ने 1977 में खुदाई कर इस सभ्यता पर प्रकाश डाला। इस क्षेत्र का विस्तृत उत्खनन कार्य 1978-89 के बीच विजय कुमार ने किया। यहां से तांबे का निर्यात भी किया जाता था। सिंधु घाटी के लोगों को तांबे की आपूर्ति यहीं से होती थी।

307

डा. केदारनाथ पुरी किस पुरातात्विक स्थल के अनुसंधानकर्ता है -

📋 पूछा गया: Raj Jail Warder (27-10-18) Shift 1
Aआहड़(उदयपुर)
Bरंगमहल(हनुमानगढ़)
Cरैढ़(टोंक)
Dनगरी(चित्तौड़गढ़)

सही उत्तर: रैढ़(टोंक)

व्याख्या (Explanation)

ढील नदी के किनारे स्थित रैढ़ में उत्खनन कार्य सर्वप्रथम जयपुर की ओर से बहादुर दयाराम साहनी MACIE, पुरातत्व और ऐतिहासिक अनुसंधान के निदेशक ने 1938 से 1940 तक किया। इसको अंतिम रूप डॉ. केदारनाथ पुरी ने दिया। उत्खनित क्षेत्र का विवरण के.एन. पुरी ने जयपुर शासन के तत्वाधान में ‘एस्केवैशनएट रैढ़’ में प्रकाशित किया।

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स्रोत: Raj Jail Warder (27-10-18) Shift 1

308

कालीबंगा स्थल, हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय से किस दिशा में स्थित है -

📋 पूछा गया: Raj Jail Warder (21-10-18) Shift 1
Aउत्तर पूर्व
Bउत्तर पश्चिम
Cदक्षिण पश्चिम
Dदक्षिण पूर्व

सही उत्तर: दक्षिण पश्चिम

व्याख्या (Explanation)

कालीबंगा प्राचीन सरस्वती नदी के बाएं तट पर जिला मुख्यालय हनुमानगढ़ से लगभग 25 किमी. दक्षिण में स्थित है। वर्तमान में यहाँ घग्घर नदी बहती है। कालीबंगा में पूर्व हड़प्पाकालीन, ‘हड़प्पाकालीन’ तथा ‘उत्तर हड़प्पाकालीन’ सभ्यता के अवशेष प्राप्त हुए हैं।

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स्रोत: Raj Jail Warder (21-10-18) Shift 1

309

मृतिका शिल्प के प्राचीन प्रमाण मिले हैं -

📋 पूछा गया: Asstt. Agriculture Officer(TSP) Exam 2015 Paper 1
Aरंगमहल से
Bब्यावर से
Cजोबनेर से
Dबाड़मेर से

सही उत्तर: रंगमहल से

व्याख्या (Explanation)

सन् 1952 से 1954 के बीच लुण्ड विश्वविद्यालय के स्वीडिश दल द्वारा पुरातत्व शास्त्री हन्ना राईड व होलगर अर्बमेन व के. एरिस्किन के नेतृत्व में रंगमहल के टीलों की खुदाई की गयी। यहां कनिष्क प्रथम व कनिष्क तृतीय की मुद्रा पंचमार्क के सिक्के मिले हैं। गांधार शैली की मूर्तियां मिली हैं।

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स्रोत: Asstt. Agriculture Officer(TSP) Exam 2015 Paper 1

310

निम्न लिखित में से कौन सा स्थल राजस्थान में ताम्र युगीन संस्कृति का केन्द्र नहीं था -

Aनोह
Bगिलुण्ड
Cबागोर
Dरंगमहल

सही उत्तर: रंगमहल

व्याख्या (Explanation)

कांस्ययुगीन (सिन्धु घाटी सभ्यता के स्थल) रंगमहल सभ्यता हनुमानगढ़ जिले में स्थित प्राचीन सरस्वती एवं दृषद्वती नदी घाटी में पल्लवित-पुष्पित हुई। इस स्थल का उत्खनन 1952-54 ई. में स्वीडन की पुरातत्वविद् श्रीमती हन्नारिड के निर्देशन में हुआ।

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