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राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ PYQ in Hindi - पेज 33

इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 367 प्रश्नों में से यह पेज 33 है।

321

निम्नलिखित में से सही सुमेलित नहीं है -

Aकालीबंगा - चुरू
Bआहड़ - उदयपुर
Cगणेश्वर - सीकर
Dबैराठ - जयपुर

सही उत्तर: कालीबंगा - चुरू

व्याख्या (Explanation)

कालीबंगा प्राचीन सरस्वती नदी के बाएं तट पर जिला मुख्यालय हनुमानगढ़ से लगभग 25 किमी. दक्षिण में स्थित है। वर्तमान में यहाँ घग्घर नदी बहती है। कालीबंगा में पूर्व हड़प्पाकालीन, ‘हड़प्पाकालीन’ तथा ‘उत्तर हड़प्पाकालीन’ सभ्यता के अवशेष प्राप्त हुए हैं।

322

निम्नलिखित में से किस स्थल से शासक मिनेण्डर के सोलह सिक्के प्राप्त हुए हैं -

📋 पूछा गया: RAS/RTS Comb. Comp. (Pre) Exam 2018
Aबैराठ
Bनगरी
Cरैढ़
Dनगर

सही उत्तर: बैराठ

व्याख्या (Explanation)

बैराठ से 36 चांदी के सिक्के प्राप्त हुए हैं 36 में से 28 सिक्के हिन्द - युनानी राजाओं के है। 28 में से 16 सिक्के मिनेण्डर राजा(प्रसिद्ध हिन्द - युनानी राजा) के मिले हैं।

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स्रोत: RAS/RTS Comb. Comp. (Pre) Exam 2018

323

निम्न में से कौन-सा एक युग्म सही सुमेलित नहीं है - प्राचीन स्थल - उत्खननकर्ता

📋 पूछा गया: Sr Teacher Gr II Special Edu. Comp. Exam 2015 (G.K.)
Aकालीबंगा - अमलानंद घोष
Bआहड़ - एच. डी. सांकलिया
Cबैराठ - केदार नाथ पुरी
Dबागोर - वी. एन. मिश्रा

सही उत्तर: बैराठ - केदार नाथ पुरी

व्याख्या (Explanation)

ढील नदी के किनारे स्थित रैढ़ में उत्खनन कार्य सर्वप्रथम जयपुर की ओर से बहादुर दयाराम साहनी MACIE, पुरातत्व और ऐतिहासिक अनुसंधान के निदेशक ने 1938 से 1940 तक किया। इसको अंतिम रूप डॉ. केदारनाथ पुरी ने दिया। उत्खनित क्षेत्र का विवरण के.एन. पुरी ने जयपुर शासन के तत्वाधान में ‘एस्केवैशनएट रैढ़’ में प्रकाशित किया। प्राचीन मत्स्य जनपद की राजधानी विराटनगर (वर्तमान बैराठ) में ‘बीजक की पहाड़ी’, ‘भीमजी की डूँगरी’ मोती डूंगरी तथा ‘महादेवजी की डूँगरी’ आदि स्थानों पर उत्खनन कार्य दयाराम साहनी द्वारा 1936-37 में तथा पुनः 1962-63 में पुरातत्वविद् नीलरत्न बनर्जी तथा कैलाशनाथ दीक्षित द्वारा किया गया।

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स्रोत: Sr Teacher Gr II Special Edu. Comp. Exam 2015 (G.K.)

324

अधोलिखित पुरातत्ववेत्ताओं में से कौन सा आहड़ के उत्खनन से संबंद्ध नहीं है -

📋 पूछा गया: Asstt. Agriculture Officer(TSP) Exam 2015 Paper 1
Aबी. बी. लाल
Bआर. सी. अग्रवाल
Cए. के. व्यास
Dएच. डी. संकलिया

सही उत्तर: बी. बी. लाल

व्याख्या (Explanation)

ताम्र सभ्यता के रूप में प्रसिद्ध यह सभ्यता आयड़/बेड़च नदी के किनारे मौजूद थी। प्राचीन शिलालेखों में आहड़ का पुराना नाम ‘ताम्रवती’ अंकित है। दसवीं व ग्याहरवीं शताब्दी में इसे ‘आघाटपुर’ अथवा ‘आघट दुर्ग’ के नाम से जाना जाता था। इसे ‘धूलकोट’ भी कहा जाता है। इस स्थल के उत्खनन का कार्य सर्वप्रथम 1953 में अक्षय कीर्ति व्यास के नेतृत्व में हुआ। 1956 ई. में श्री रतचंद्र अग्रवाल की देखरेख में खनन कार्य हुआ। इसके उपरांत डॉ. एच.डी. सांकलिया, डेकन कॉलेज पूना, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग, राजस्थान तथा मेलबोर्न विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया के संयुक्त अभियान में वर्ष 1961-62 के दौरान इस स्थल का उत्खनन कार्य किया गया।

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स्रोत: Asstt. Agriculture Officer(TSP) Exam 2015 Paper 1

325

निम्न में से कौनसी शिल्प कृति कालीबंगा से प्राप्त नहीं हुई है -

📋 पूछा गया: Asstt. Agriculture Officer(TSP) Exam 2015 Paper 1
Aहाथी दांत का कंघा
Bवृषभ की तांबे की प्रतिकृति
Cमिट्टी की चूड़ियां
Dहल की मिट्टी की प्रतिकृति

सही उत्तर: हल की मिट्टी की प्रतिकृति

व्याख्या (Explanation)

ड़प्पा स्थल पर मिट्टी से बना ‘हल’ बनवाली में मिला था। यह एक हरियाणा के फतेहाबाद जिले में सिंधु घाटी सभ्यता काल से संबंधित एक पुरातात्विक स्थल है।

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स्रोत: Asstt. Agriculture Officer(TSP) Exam 2015 Paper 1

326

बागोर एवं तिलवाड़ा नामक स्थान मुख्यतया निम्न काल से संबंधित थे -

Aमध्य पाषाण काल
Bपुरा पाषाण काल
Cपूर्व - हड़प्पा काल
Dनिम्न पुरा पाषाण काल

सही उत्तर: मध्य पाषाण काल

व्याख्या (Explanation)

मध्यपाषाण काल के उपकरण उदयपुर के बागोर तथा मारवाड़ के तिलवाड़ा नामक स्थानों पर मिले हैं।

327

‘भीम डूंगरी’ गणेश डूंगरी राजस्थान की किस सभ्यता से संबंधित है -

Aगणेश्वर सभ्यता
Bबैराठ सभ्यता
Cआहड़ सभ्यता
Dकालीबंगा सभ्यता

सही उत्तर: बैराठ सभ्यता

व्याख्या (Explanation)

प्राचीन मत्स्य जनपद की राजधानी विराटनगर (वर्तमान बैराठ) में ‘बीजक की पहाड़ी’, ‘भीमजी की डूँगरी’ मोती डूंगरी तथा ‘महादेवजी की डूँगरी’ आदि स्थानों पर उत्खनन कार्य दयाराम साहनी द्वारा 1936-37 में तथा पुनः 1962-63 में पुरातत्वविद् नीलरत्न बनर्जी तथा कैलाशनाथ दीक्षित द्वारा किया गया।

328

निम्न में से राजस्थान का कौन सा सैन्धव स्थल घग्घर नदी के किनारे स्थित है -

📋 पूछा गया: Lect. College Edu. EXAM 2014(GK)
Aगिलुण्ड
Bआहाड़
Cपीलीबंगा
Dकालीबंगा

सही उत्तर: कालीबंगा

व्याख्या (Explanation)

कालीबंगा प्राचीन सरस्वती नदी के बाएं तट पर जिला मुख्यालय हनुमानगढ़ से लगभग 25 किमी. दक्षिण में स्थित है। वर्तमान में यहाँ घग्घर नदी बहती है। कालीबंगा में पूर्व हड़प्पाकालीन, ‘हड़प्पाकालीन’ तथा ‘उत्तर हड़प्पाकालीन’ सभ्यता के अवशेष प्राप्त हुए हैं। खुदाई के दौरान मिली काली चूड़ियों के टुकड़ों के कारण इस स्थान को कालीबंगा कहा जाता है क्योंकि पंजाबी में बंगा का अर्थ चूड़ी होता है।

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स्रोत: Lect. College Edu. EXAM 2014(GK)

329

बौद्ध धर्म से सम्बंधित पुरातात्विक अवशेष कहां मिले हैं -

📋 पूछा गया: Lect. College Edu. EXAM 2014(GK)
Aबैराठ
Bनगर
Cनलियासर(सांभर)
Dकालीबंगा

सही उत्तर: बैराठ

व्याख्या (Explanation)

वर्ष 1999 में बीजक की पहाड़ी (बैराठ) से अशोककालीन ‘गोल बौद्ध मंदिर’, ‘स्तूप’ एवं ‘बौद्ध मठ’ के अवशेष मिले हैं जो हीनयान संप्रदाय से संबंधित हैं, ये भारत के प्राचीनतम् मंदिर माने जा सकते हैं।

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स्रोत: Lect. College Edu. EXAM 2014(GK)

330

बैराठ(विराटनगर) में प्रथम उत्खनन किसके नेतृत्व में किया गया था -

📋 पूछा गया: Sr. Teacher GrII Comp. Exam 2016 Gk (G-B)
Aदयाराम साहनी
Bडा. एन. आर. बनर्जी
Cडी. आर. भण्डारकर
Dआर. सी. अग्रवाल

सही उत्तर: दयाराम साहनी

व्याख्या (Explanation)

प्राचीन मत्स्य जनपद की राजधानी विराटनगर (वर्तमान बैराठ) में ‘बीजक की पहाड़ी’, ‘भीमजी की डूँगरी’ मोती डूंगरी तथा ‘महादेवजी की डूँगरी’ आदि स्थानों पर उत्खनन कार्य दयाराम साहनी द्वारा 1936-37 में तथा पुनः 1962-63 में पुरातत्वविद् नीलरत्न बनर्जी तथा कैलाशनाथ दीक्षित द्वारा किया गया।

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स्रोत: Sr. Teacher GrII Comp. Exam 2016 Gk (G-B)

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