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राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ PYQ in Hindi - पेज 35

इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 367 प्रश्नों में से यह पेज 35 है।

341

राजस्थान की किस सभ्यता में 11 कमरों का विशाल भवन प्राप्त हुआ है -

Aरंगमहल
Bगरदड़ा
Cबालाथल
Dबैराठ

सही उत्तर: बालाथल

व्याख्या (Explanation)

सन् 1993 में वी.एन. मिश्र द्वारा ई.पू. 3000 से लेकर ई.पू. 2500 तक की ताम्रपाषाण युगीन संस्कृति के बारे में पता चला है। बालाथल उदयपुर जिले की वल्लभनगर तहसील में स्थित है। यहाँ से एक दुर्गनुमा भवन भी मिला है तथा ग्यारह कमरों वाला विशाल भवन भी प्राप्त हुआ है।

342

भूकम्प व तन्दूर के प्राचीन साक्ष्य प्राप्त हुए हैं -

Aबागोर
Bबैराठ
Cकालीबंगा
Dनगरी

सही उत्तर: कालीबंगा

व्याख्या (Explanation)

कालीबंगा प्राचीन सरस्वती नदी के बाएं तट पर जिला मुख्यालय हनुमानगढ़ से लगभग 25 किमी. दक्षिण में स्थित है। वर्तमान में यहाँ घग्घर नदी बहती है। कालीबंगा में पूर्व हड़प्पाकालीन, ‘हड़प्पाकालीन’ तथा ‘उत्तर हड़प्पाकालीन’ सभ्यता के अवशेष प्राप्त हुए हैं। यहां से भूकम्प के साक्ष्य मिले हैं।

343

किस सभ्यता में घरों में एक से अधिक चुल्हों के मिलने से संयुक्त परिवार का पता चलता है -

Aगिलुंड
Bआहड़
Cबैराठ
Dनगर

सही उत्तर: आहड़

व्याख्या (Explanation)

उदयपुर से तीन किलोमीटर दूर 500 मीटर लम्बे धूलकोट के नीचे आहड़ का पुराना कस्बा दवा हुआ है जहाँ से ताम्रयुगीन सभ्यता प्राप्त हुई है। यह सभ्यता बनास नदी पर स्थित है। ताम्र सभ्यता के रूप में प्रसिद्ध यह सभ्यता आयड़/बेड़च नदी के किनारे मौजूद थी। यहां से एक भवन में छः मिट्टी के चुल्हे मिले हैं।

344

जोधपुरा नामक पुरातात्विक स्थल स्थित है -

Aउदयपुर
Bजोधपुर
Cजयपुर
Dअजमेर

सही उत्तर: जयपुर

व्याख्या (Explanation)

जयपुर जिले में साबी नदी तट पर जोधपुरा गाँव में 1972-75 ई. में उत्खनन में जोधपुर सभ्यता के अवशेष प्राप्त हुए। यह सभ्यता 2500 ईसा पूर्व से 200 ईस्वी के मध्य फली फूली।

345

स्वीडन देश के पुरातत्वविद् हन्नारिड़ के निर्देशन में किस सभ्यता का उत्खन्न हुआ -

Aरंगमहल
Bनोह
Cबैराठ
Dकालीबंगा

सही उत्तर: रंगमहल

व्याख्या (Explanation)

सन् 1952 से 1954 के बीच लुण्ड विश्वविद्यालय के स्वीडिश दल द्वारा पुरातत्व शास्त्री हन्ना राईड व होलगर अर्बमेन व के. एरिस्किन के नेतृत्व में रंगमहल के टीलों की खुदाई की गयी। इस खुदाई से ज्ञात हुआ है कि प्रस्तर युग से लेकर छठी शताब्दी ईस्वी पूर्व तक यह क्षेत्र पूर्णतः समृद्ध था।

346

बैराठ से मिला भाब्रू शिलालेख उत्कीर्ण करवाया था -

Aचन्द्रगुप्त
Bअशोक
Cपाड़वों
Dसमुद्रगुप्त

सही उत्तर: अशोक

व्याख्या (Explanation)

इस स्थल की प्रांरंभिक और सर्वप्रथम खोज का कार्य 1837 ई. में कैप्टन बर्ट द्वारा किया गया। इन्होंने विराटनगर में मौर्य सम्राट अशोक का प्रथम भाब्रू शिलालेख खोज निकाला और यह 1840 ई. से एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल, कलकत्ता संग्रहालय में सुरक्षित है। इसे ‘भाब्रू शिलालेख’ और ‘बैराठ-कलकत्ता शिलालेख’ कहा जाता है।

347

बीजक की पहाड़ी किस सभ्यता से संबंधित है -

Aकालीबंगा
Bआहड़
Cबैराठ
Dनगरी

सही उत्तर: बैराठ

व्याख्या (Explanation)

प्राचीन मत्स्य जनपद की राजधानी विराटनगर (वर्तमान बैराठ) में ‘बीजक की पहाड़ी’, ‘भीमजी की डूँगरी’ मोती डूंगरी तथा ‘महादेवजी की डूँगरी’ आदि स्थानों पर उत्खनन कार्य दयाराम साहनी द्वारा 1936-37 में तथा पुनः 1962-63 में पुरातत्वविद् नीलरत्न बनर्जी तथा कैलाशनाथ दीक्षित द्वारा किया गया।

348

सैन्धव लिपि किस प्रकार प्रयोग में ली जाती थी -

Aऊपर से नीचे की ओर
Bबायीं से दायीं ओर
Cदायीं से बायीं ओर
Dनीचे से ऊपर की ओर

सही उत्तर: दायीं से बायीं ओर

व्याख्या (Explanation)

सिंधु घाटी की लिपि लघु चित्रात्मक अभिलेख के रूप में थी। ऐसा प्रतीत होता है कि लिपि दाईं से बाईं ओर लिखी जाता थी क्योंकि कुछ मुहरों पर दाईं ओर चौड़ा अंतराल है और बाईं ओर संकुचित होती थी, जिससे यह प्रतीत होता उत्कीर्णक ने दाई ओर से लिखना प्रारंभ किया और बाद में बाई ओर स्थान कम पड़ गया।

349

राजस्थान में ताम्र युगीन सभ्यताओं की जननी कहा जाता है।

Aबैराठ
Bआहड़
Cगणेश्वर
Dरैढ़

सही उत्तर: गणेश्वर

व्याख्या (Explanation)

गणेश्वर का टीला, नीम का थाना में कांतली नदी के उद्गम स्थल पर अवस्थित है। गणेश्वर में रत्नचंद्र अग्रवाल ने 1977 में खुदाई कर इस सभ्यता पर प्रकाश डाला। डी.पी. अग्रवाल ने रेडियो कार्बन विधि एवं तुलनात्मक अध्ययन के आधार पर इस स्थल की तिथि 2800 ईसा पूर्व निर्धारित की है अर्थात् गणेश्वर सभ्यता पूर्व-हड़प्पा कालीन सभ्यता है। ताम्रयुगीन सांस्कृतिक केन्द्रों में से प्राप्त तिथियों में यह प्राचीनतम् है। इस प्रकार गणेश्वर संस्कृति को निर्विवाद रूप से ‘भारत में ताम्रयुगीन सभ्यताओं की जननी’ माना जा सकता है।

350

राज्य में शंख लिपि के प्रमाण बहुतायत में किस स्थान पर मिले हैं -

Aदिलवाड़ा
Bरणकपुर
Cविराट नगर
Dनगरी

सही उत्तर: विराट नगर

व्याख्या (Explanation)

शंख लिपि को विराटनगर से संबंधित माना जाता है।

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