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राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ PYQ in Hindi - पेज 36

इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 367 प्रश्नों में से यह पेज 36 है।

351

मौर्यकाल के अवशेष राजस्थान में कहां मिले हैं -

Aबैराठ एवं कणसवा गांव में
Bजालौर जिले के भीनमाल में
Cनलियासर में
Dनोह में

सही उत्तर: बैराठ एवं कणसवा गांव में

व्याख्या (Explanation)

बैराठ एवं कणसवा गांव (कोटा) में मौर्यकाल के अवशेष मिले हैं। बैराठ की प्रांरंभिक और सर्वप्रथम खोज का कार्य 1837 ई. में कैप्टन बर्ट द्वारा किया गया। इन्होंने विराटनगर में मौर्य सम्राट अशोक का प्रथम भाब्रू शिलालेख खोज निकाला और यह 1840 ई. से एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल, कलकत्ता संग्रहालय में सुरक्षित है। कणसवा का लेख (738 ई.) में मौर्य राजा धवल का उल्लेख मिलता हैं।

352

महाभारत काल के अवशेष कहां मिले हैं -

Aश्रीगंगानगर में
Bबैराठ व नोह में
Cमाउण्ट आबू में
Dनलियासर में

सही उत्तर: बैराठ व नोह में

व्याख्या (Explanation)

पाण्डुओं ने अपने 1 वर्ष का अज्ञातवास विराटनगर के राजा विराट के यहां व्यतित किया था। भरतपुर जिले में स्थित नोह गाँव में 1963-64 ई. में श्री रतनचन्द्र अग्रवाल के निर्देशन में की गई खुदाई में लौह युगीन सभ्यता के अवशेष मिले हैं। यहाँ महाभारतकालीन, कुषाणकालीन और मौर्यकालीन अवशेष प्राप्त हुए हैं।

353

राजस्थान की किस सभ्यता में अलंकृत ईंटों से निर्मित फर्श का अवशेष मिला हैं -

Aआहड़
Bकालीबंगा
Cबालाथल
Dबैराठ

सही उत्तर: कालीबंगा

व्याख्या (Explanation)

कालीबंगा का एक फर्श पूरे हड़प्पा काल का एकमात्र ऐसा उदाहरण है जहां अलंकृत ईटों का प्रयोग हुआ है। इस पर प्रतिच्छेदी वृत्त का अलंकरण है।

354

राजस्थान में कालीबंगा किस जिले में हैं -

Aबीकानेर
Bहनुमानगढ़
Cउदयपुर
Dजयपुर

सही उत्तर: हनुमानगढ़

व्याख्या (Explanation)

कालीबंगा प्राचीन सरस्वती नदी के बाएं तट पर जिला मुख्यालय हनुमानगढ़ से लगभग 25 किमी. दक्षिण में स्थित है। वर्तमान में यहाँ घग्घर नदी बहती है। कालीबंगा में पूर्व हड़प्पाकालीन, ‘हड़प्पाकालीन’ तथा ‘उत्तर हड़प्पाकालीन’ सभ्यता के अवशेष प्राप्त हुए हैं।

355

कालीबंगा संस्कृति की खोज 1953 में सर्वप्रथम किसके द्वारा की गई थी -

Aअमलांद घोष
Bबी. वी. लाल
Cथापर
Dउपरोक्त सभी

सही उत्तर: अमलांद घोष

व्याख्या (Explanation)

कालीबंगा प्राचीन सरस्वती नदी के बाएं तट पर जिला मुख्यालय हनुमानगढ़ से लगभग 25 किमी. दक्षिण में स्थित है। वर्तमान में यहाँ घग्घर नदी बहती है। कालीबंगा में पूर्व हड़प्पाकालीन, ‘हड़प्पाकालीन’ तथा ‘उत्तर हड़प्पाकालीन’ सभ्यता के अवशेष प्राप्त हुए हैं। खुदाई के दौरान मिली काली चूड़ियों के टुकड़ों के कारण इस स्थान को कालीबंगा कहा जाता है क्योंकि पंजाबी में बंगा का अर्थ चूड़ी होता है। इस स्थान का पता ‘पुरातत्व विभाग के निदेशक ए. एन. घोष’ ने सन् 1952 में लगाया था। सन् 1961-69 तक नौ सत्रों में बी. के. थापर, जे. वी. जोशी तथा बी. बी. लाल के निर्देशन में इस स्थल की खुदाई की गयी।

356

कालीबंगा सभ्यता के लोग किस लिपि का प्रयोग करते थे -

Aपाली
Bसैन्धव
Cखरोष्ठी
Dप्राकृत

सही उत्तर: सैन्धव

व्याख्या (Explanation)

कालीबंगा स्वतंत्र भारत का वह पहला पुरातात्विक स्थल है जिसका स्वतंत्रता के बाद पहली बार उत्खनन किया गया तत्पश्चात् रोपड़ का उत्खनन किया गया। कालीबंगा सभ्यता के लोग सैंधव लिपि का इस्तेमाल करते थे।

357

ताम्रवती नगरी के रूप में जाना जाता है -

Aगणेश्वर
Bआहड़
Cबेराठ
Dबागौर

सही उत्तर: आहड़

व्याख्या (Explanation)

उदयपुर से तीन किलोमीटर दूर 500 मीटर लम्बे धूलकोट के नीचे आहड़ का पुराना कस्बा दवा हुआ है जहाँ से ताम्रयुगीन सभ्यता प्राप्त हुई है। यह सभ्यता बनास नदी पर स्थित है। ताम्र सभ्यता के रूप में प्रसिद्ध यह सभ्यता आयड़/बेड़च नदी के किनारे मौजूद थी। प्राचीन शिलालेखों में आहड़ का पुराना नाम ‘ताम्रवती’ अंकित है। दसवीं व ग्याहरवीं शताब्दी में इसे ‘आघाटपुर’ अथवा ‘आघट दुर्ग’ के नाम से जाना जाता था। इसे ‘धूलकोट’ भी कहा जाता है।

358

प्रो. एच. डी. सांकलिया के निर्देशन मे जिस सभ्यता स्थल का उत्खनन हुआ, वह कौनसा है -

Aकालीबंगा
Bबैराठ
Cगणेश्वर
Dआहड

सही उत्तर: आहड

व्याख्या (Explanation)

उदयपुर से तीन किलोमीटर दूर 500 मीटर लम्बे धूलकोट के नीचे आहड़ का पुराना कस्बा दवा हुआ है जहाँ से ताम्रयुगीन सभ्यता प्राप्त हुई है। इस स्थल के उत्खनन का कार्य सर्वप्रथम 1953 में अक्षय कीर्ति व्यास के नेतृत्व में हुआ। डॉ. एच.डी. सांकलिया, डेकन कॉलेज पूना, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग, राजस्थान तथा मेलबोर्न विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया के संयुक्त अभियान में वर्ष 1961-62 के दौरान इस स्थल का उत्खनन कार्य किया गया।

359

कहाँ के अवशेष से यह पता चलता है कि विश्व विख्यात सैंधव सभ्यता का राजस्थान में विकास हुआ –

Aकालीबंगा
Bरंगमहल
Cपीलीबंगा
Dउपर्युक्त सभी

सही उत्तर: उपर्युक्त सभी

व्याख्या (Explanation)

कालीबंगा, रंगमहल और पीलीबंगा के अवशेष से यह पता चलता है कि विश्व विख्यात सैंधव सभ्यता का राजस्थान में विकास हुआ। यदि हड़प्पा और मोहनजोदड़ों को सैंधव सभ्यता की दो राजधानियां माना जा सकता है तो दशरथ शर्मा के अनुसार कालीबंगा को सैंधव सभ्यता की तीसरी राजधानी कहा जा सकता है।

360

गणेश्वर सभ्यता का सम्बन्ध किस नदी से है-

Aकांतली
Bसरस्वती
Cबनास
Dआयड़

सही उत्तर: कांतली

व्याख्या (Explanation)

गणेश्वर का टीला, नीम का थाना में कांतली नदी के उद्गम स्थल पर अवस्थित है। गणेश्वर में रत्नचंद्र अग्रवाल ने 1977 में खुदाई कर इस सभ्यता पर प्रकाश डाला। इस क्षेत्र का विस्तृत उत्खनन कार्य 1978-89 के बीच विजय कुमार ने किया।

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