आहड़ सभ्यता के लोग किस खाद्य से अच्छी तरह परीचित थे-
सही उत्तर: चावल
व्याख्या (Explanation)
आहड़ के लोगो द्वारा चावल भी उगाया जाता था और वे मिट्टी के तवे पर रोटियाँ बनाते थे।
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 367 प्रश्नों में से यह पेज 37 है।
आहड़ सभ्यता के लोग किस खाद्य से अच्छी तरह परीचित थे-
सही उत्तर: चावल
व्याख्या (Explanation)
आहड़ के लोगो द्वारा चावल भी उगाया जाता था और वे मिट्टी के तवे पर रोटियाँ बनाते थे।
किस पुरातात्विक स्थल का प्राचीन नाम मालव नगर था -
सही उत्तर: नगर
व्याख्या (Explanation)
नगर की खुदाई पुरातत्त्ववेत्ता कृष्णदेव की देख-रेख में हुयी थी। नगर में के.वी. सौन्दरराजन ने पुनः उत्खनन करवाया था। ‘नगर’ की खुदाई में 6000 मालव सिक्के, एक हजार से अधिक पात्रों के टुकड़े तथा लगभग 500 अन्य छोटे-छोटे अवशेष प्राप्त हुए हैं। नगर से गुप्तोत्तरकालीन स्लेटी पत्थर से बनी महिषासुरमर्दिनी की प्रतिमा, पत्थर पर मोदक रूप में गणेश का अंकन, तीन फणधारी नाग का अंकन तथा कमल धारण किए हुए लक्ष्मी की खड़ी प्रतिमा मिली हैं। ये सभी सामग्री नगर को मालवों के अधीन एक क्षेत्र घोषित करती है।
बीजक डूंगरी पर सर्वप्रथम अशोक के शिलालेखों को किसने और कब खोजा-
सही उत्तर: कैप्टन बर्ट,1837
व्याख्या (Explanation)
इस स्थल की प्रांरंभिक और सर्वप्रथम खोज का कार्य 1837 ई. में कैप्टन बर्ट द्वारा किया गया। इन्होंने विराटनगर में मौर्य सम्राट अशोक का प्रथम भाब्रू शिलालेख खोज निकाला और यह 1840 ई. से एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल, कलकत्ता संग्रहालय में सुरक्षित है। इसे ‘भाब्रू शिलालेख’ और ‘बैराठ-कलकत्ता शिलालेख’ कहा जाता है।
कालीबंगा का शाब्दिक अर्थ है -
सही उत्तर: काली चुड़िया
व्याख्या (Explanation)
कालीबंगा प्राचीन सरस्वती नदी के बाएं तट पर जिला मुख्यालय हनुमानगढ़ से लगभग 25 किमी. दक्षिण में स्थित है। वर्तमान में यहाँ घग्घर नदी बहती है। कालीबंगा में पूर्व हड़प्पाकालीन, ‘हड़प्पाकालीन’ तथा ‘उत्तर हड़प्पाकालीन’ सभ्यता के अवशेष प्राप्त हुए हैं। खुदाई के दौरान मिली काली चूड़ियों के टुकड़ों के कारण इस स्थान को कालीबंगा कहा जाता है क्योंकि पंजाबी में बंगा का अर्थ चूड़ी होता है। इस स्थान का पता ‘पुरातत्व विभाग के निदेशक ए. एन. घोष’ ने सन् 1952 में लगाया था।
आहड़ की खोज किस विद्वान ने की -
सही उत्तर: आर. सी. अग्रवाल ने
व्याख्या (Explanation)
अन्य नाम ताम्रवती नगरी, धूलकोट उत्खनन सर्वप्रथम 1953 में अक्षयकीर्ति व्यास एवं तत्पश्चात 1956 में रतनचंद्र अग्रवाल एवं 1961-62 में एच. डी. सांकलियाँ के निर्देशन में यहाँ उत्खनन कार्य हुआ।
पॉच सांस्कृतिक युगो के अवशेष कहां से प्राप्त हुए है -
सही उत्तर: नौह
व्याख्या (Explanation)
पांच सांस्कृतिक युगों के अवशेष नोह स्थल से प्राप्त हुए है। नोह के काले एवं लाल मृद्पात्रों के स्तर से लोहे की उपस्थिति के कुछ प्रमाण मिले हैं। यद्यपि यह साक्ष्य लोहे के छोटे-छोटे टुकड़ों के रूप में हैं, तथापि यह भारत में लौह युग के प्रारम्भ की प्राचीनतम् सीमा रेखा निर्धारण का सूचक है।
किस प्राचीन ग्रंथ में बैराठ का उल्लेख मिलता हैं -
सही उत्तर: महाभारत
व्याख्या (Explanation)
पाण्डुओं ने अपने 1 वर्ष का अज्ञातवास विराटनगर के राजा विराट के यहां व्यतित किया था। विराटनगर - बैराठ का प्राचीन नाम है।