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राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ PYQ in Hindi - पेज 4

इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 367 प्रश्नों में से यह पेज 4 है।

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राजस्थान के थार रेगिस्तान में पाई गई पहली सिंधु घाटी बस्ती है -

Aकालीबंगा
Bरंगमहल
Cबालाथल
Dरताडिया री ढेरी

सही उत्तर: रताडिया री ढेरी

व्याख्या (Explanation)

इतिहास प्रवक्ता दिलीप कुमार सैनी और स्थानीय नागरिक पार्थ जांगिड़ द्वारा राजस्थान के जैसलमेर ज़िले में रताडिया री ढेरी नामक स्थान पर एक नया हड़प्पा स्थल खोजा गया है। रताडिया री ढेरी की खोज राजस्थान के थार रेगिस्तान में पाई गई पहली सिंधु घाटी बस्ती है। यह स्थल पाकिस्तान के सदेवाला से 17 किमी उत्तर-पश्चिम में स्थित है, जहाँ पहले हड़प्पा सभ्यता के अवशेष पाए गए थे। यह खोज राजस्थान और गुजरात के बीच पुरातात्त्विक मानचित्र में एक महत्त्वपूर्ण कड़ी को जोड़ती है। इससे पूर्व राजस्थान में सबसे प्रसिद्ध हरप्पाई स्थल उत्तर स्थित कालीबंगा था, जिसकी खोज 20वीं सदी के प्रारंभ में इटालियन भारतविद् लुइगी पियो टेस्सितोरी द्वारा की गई थी। यहाँ से प्राप्त वस्तुओं में लाल मृद्भाण्ड (जैसे कटोरे, हाँडी और घड़े), मिट्टी व शंख की चूड़ियाँ, टेराकोटा की वस्तुएँ, पाषाण उपकरण तथा कीलनुमा ईंटें शामिल हैं, जिनका उपयोग भट्टियों में किया गया था।

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कालीबंगा की अग्निवेदिकाओं के संबंध में कौन सा कथन सही नहीं है -

📋 पूछा गया: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-E)
Aअग्निवेदिकाएँ पश्चिमी टीले पर मिली हैं
Bवेदिकाएँ मिट्टी की ईंटों से बने ऊँचे चबूतरे पर प्राप्त हुई हैं।
Cप्रत्येक अग्निवेदिका में त्रिभुजाकार अग्निकुण्ड है।
Dअग्निवेदिका के पास बना कुआँ यहाँ धार्मिक अनुष्ठान होने के संकेत देता है।

सही उत्तर: प्रत्येक अग्निवेदिका में त्रिभुजाकार अग्निकुण्ड है।

व्याख्या (Explanation)

कालीबंगा प्राचीन सरस्वती नदी के बाएं तट पर जिला मुख्यालय हनुमानगढ़ से लगभग 25 किमी. दक्षिण में स्थित है। वर्तमान में यहाँ घग्घर नदी बहती है। कालीबंगा में पूर्व हड़प्पाकालीन, ‘हड़प्पाकालीन’ तथा ‘उत्तर हड़प्पाकालीन’ सभ्यता के अवशेष प्राप्त हुए हैं। यहां से ईटों से निर्मित चबुतरे पर सात अग्नि कुण्ड प्राप्त हुए है जिसमें राख एवम् पशुओं की हड्डियां प्राप्त हुई है। कालीबंगा में अग्निवेदिकाएँ पश्चिमी टीले पर मिली हैं। कालीबंगा की अग्निवेदिकाओं में अग्निकुण्ड विभिन्न आकारों के हैं, न कि त्रिभुजाकार।

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स्रोत: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-E)

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निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है -

📋 पूछा गया: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-D)
Aआहड़ की खोज रत्नचन्द्र अग्रवाल ने 1954 में की।
Bयह एक ग्रामीण संस्कृति थी।
Cवे चित्रित धूसर मृद्भांड उपयोग में लाते थे।
Dवे घोड़े तथा हाथी से परिचित थे।

सही उत्तर: वे चित्रित धूसर मृद्भांड उपयोग में लाते थे।

व्याख्या (Explanation)

दसवीं व ग्याहरवीं शताब्दी में इसे ‘आघाटपुर’ अथवा ‘आघट दुर्ग’ के नाम से जाना जाता था। इसे ‘धूलकोट’ भी कहा जाता है। इस स्थल के उत्खनन का कार्य सर्वप्रथम 1953 में अक्षय कीर्ति व्यास के नेतृत्व में हुआ। 1954 ई. में श्री रतचंद्र अग्रवाल की देखरेख में खनन कार्य हुआ। उत्खनन में मृदभांड सर्वाधिक मिले है। यहाँ मिले बर्तनो में भोजन के बर्तन की पाश्र्वभूमि काली है, किनारा लाल तथा कुछ बर्तनो में सफेदी से चित्रकारी भी की गई है। यह मृदभांड आहड़ को लाल-काले मृदभांड वाली संस्कृति का प्रमुख केंद्र सिद्ध करते है। अन्य उपयोग के बर्तन इन बर्तनो से भिन्न है। इनमे चित्रकारी नहीं है परन्तु उन्हें छोटे छोटे टुकड़ों से सजाया गया था किन्तु यहाँ सजावट केवल ऊपरी भाग में है जबकि निचला हिस्सा खुरदरा व रद्दी है, इस से अनुमान लगाया जाता है की यह बर्तन जमीन में गाड़ के रखे जाते थे।

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स्रोत: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-D)

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आहड़ सभ्यता के सन्दर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए व सही विकल्प चुनिए : A. आहड़वासी खेती करना जानते थे। B. आहड़वासी कपड़ों की छपाई व रंगाई से परिचित थे।

📋 पूछा गया: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-C)
Aकेवल A सत्य है।
Bकेवल B सत्य है।
CA व B दोनों सत्य हैं।
DA व B दोनों असत्य हैं।

सही उत्तर: A व B दोनों सत्य हैं।

व्याख्या (Explanation)

आहड़वासी खेती और कपड़ों की छपाई-रंगाई से परिचित थे। उदयपुर से तीन किलोमीटर दूर 500 मीटर लम्बे धूलकोट के नीचे आहड़ का पुराना कस्बा दवा हुआ है जहाँ से ताम्रयुगीन सभ्यता प्राप्त हुई है। यह सभ्यता बनास नदी पर स्थित है। ताम्र सभ्यता के रूप में प्रसिद्ध यह सभ्यता आयड़/बेड़च नदी के किनारे मौजूद थी। प्राचीन शिलालेखों में आहड़ का पुराना नाम ‘ताम्रवती’ अंकित है। अनाज रखने के मृद्भाण्ड प्राप्त हुए हैं जिन्हें स्थानीय भाषा में गोरे व कोठ (Gore and Koth) कहा जाता है। उत्खनन में अनाज पिसने की चक्की मिली है। कपड़ों में छपाई किये जाने वाले छापे के साक्ष्य मिले हैं।

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स्रोत: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-C)

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कालीबंगा के घरों में जल-निकास व्यवस्था में नालियों के निर्माण में निम्न में से किसका प्रयोग किया जाता था - A. लकड़ी B. पक्की ईंट C. पत्थर कूट :

📋 पूछा गया: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-C)
Aकेवल A
Bकेवल B
CA और B
DB और C

सही उत्तर: A और B

व्याख्या (Explanation)

कालीबंगा में जल-निकास के लिए पक्की ईंट और लकड़ी का प्रयोग किया गया था। कालीबंगा प्राचीन सरस्वती नदी के बाएं तट पर जिला मुख्यालय हनुमानगढ़ से लगभग 25 किमी. दक्षिण में स्थित है। वर्तमान में यहाँ घग्घर नदी बहती है। कालीबंगा में पूर्व हड़प्पाकालीन, ‘हड़प्पाकालीन’ तथा ‘उत्तर हड़प्पाकालीन’ सभ्यता के अवशेष प्राप्त हुए हैं। खुदाई के दौरान मिली काली चूड़ियों के टुकड़ों के कारण इस स्थान को कालीबंगा कहा जाता है क्योंकि पंजाबी में बंगा का अर्थ चूड़ी होता है। इस स्थान का पता ‘पुरातत्व विभाग के निदेशक ए. एन. घोष’ ने सन् 1952 में लगाया था।

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स्रोत: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-C)

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निम्नलिखित में से किसने ‘द आर्कियोलॉजिकल रिमेन्स एण्ड एक्सकेवेशन एट बैराठ’ प्रतिवेदन तैयार किया था -

📋 पूछा गया: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-B)
Aदयाराम साहनी
Bबी.बी.लाल
Cटी.एच. हैण्डले
Dआर.सी. अग्रवाल

सही उत्तर: दयाराम साहनी

व्याख्या (Explanation)

दयाराम साहनी, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के एक प्रमुख पुरातत्वविद्, ने बैराठ (राजस्थान) के पुरातात्विक अवशेषों और खुदाई पर प्रतिवेदन तैयार किया था।

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स्रोत: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-B)

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निम्नलिखित में से कौनसा पुरातात्विक स्थल ‘आहड़ संस्कृति’ से सम्बन्धित नहीं है -

📋 पूछा गया: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-A)
Aपिंड
Bगिलुंद
Cअलोद
Dबरोर

सही उत्तर: बरोर

व्याख्या (Explanation)

गंगानगर जिले का बरोर गाँव सरस्वती नदी तट पर अवस्थित है। यहाँ 2003 ई. में उत्खनन कार्य शुरू हुआ। उत्खनन से प्राप्त अवशेषों के आधार पर यहाँ की सभ्यता को प्राक् एवं विकसित सैन्धव काल की माना जाता है।

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स्रोत: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-A)

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‘गिलूण्ड सभ्यता’ किस नदी के किनारे स्थित थी -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (SWT) Exam 2024
Aकोठारी नदी
Bसरस्वती नदी
Cबनास नदी
Dकाँतली नदी

सही उत्तर: बनास नदी

व्याख्या (Explanation)

सन् 1957-58 में प्रो. बी.बी. लाल ने गिलूण्ड (राजसमन्द) पुरास्थल का उत्खनन किया। राजसमन्द जिले में स्थित गिलूण्ड कस्बे में बनास नदी के तट पर दो टीलों (स्थानीय भाषा में मोडिया मंगरी) के उत्खनन के फलस्वरूप आहड़ संस्कृति से जुड़ी यह सभ्यता प्रकाश में आई, जिसे बनास संस्कृति के नाम से भी पुकारा जाता है।

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स्रोत: Junior Instructor (SWT) Exam 2024

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निम्न में से कौन-सी ताम्र सभ्यता स्थल नहीं है -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (PLM) Exam 2024
Aगिलूण्ड
Bगणेश्वर
Cआहड़
Dनोह

सही उत्तर: नोह

व्याख्या (Explanation)

नोह ताम्र सभ्यता से संबंधित नहीं है। नोह के काले एवं लाल मृद्पात्रों के स्तर से लोहे की उपस्थिति के कुछ प्रमाण मिले हैं। यद्यपि यह साक्ष्य लोहे के छोटे-छोटे टुकड़ों के रूप में हैं, तथापि यह भारत में लौह युग के प्रारम्भ की प्राचीनतम् सीमा रेखा निर्धारण का सूचक है। इस सभ्यता के पश्चात् एक नई सभ्यता का आविर्भाव हुआ जिसे सलेटी रंग की चित्रित मृद्भाण्ड संस्कृति का नाम दिया गया है।

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स्रोत: Junior Instructor (PLM) Exam 2024

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बैराठ मौर्य साम्राज्य के अन्तर्गत किस धर्म एवं संस्कृति का एक प्रमुख केन्द्र था -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (MMV) Exam 2024
Aहिन्दू
Bजैन
Cबौद्ध
Dसिख

सही उत्तर: बौद्ध

व्याख्या (Explanation)

बैराठ (वर्तमान जयपुर जिला) मौर्य काल में बौद्ध धर्म का प्रमुख केंद्र था, जहां सम्राट अशोक ने बौद्ध स्तूप और शिलालेख स्थापित किए थे।

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स्रोत: Junior Instructor (MMV) Exam 2024

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