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राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ PYQ in Hindi - पेज 5

इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 367 प्रश्नों में से यह पेज 5 है।

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बागोर पुरास्थल के संदर्भ में कौनसे कथन सही हैं - (1) यह कोठारी नदी के तट पर स्थित है। (2) स्थानीय लोग इसे ‘महासती’ के नाम से जानते हैं। (3) इसके उत्खनन कार्य से डॉ. वी.एन. मिश्रा सम्बद्ध रहे।

📋 पूछा गया: PTI and Librarian (Sanskrit College Edu.) - 2024 (General Studies of Rajasthan)
Aकेवल (1) और (2) सही हैं।
Bकेवल (1) और (3) सही हैं।
Cकेवल (2) और (3) सही हैं।
D(1), (2) और (3) सभी सही हैं।

सही उत्तर: (1), (2) और (3) सभी सही हैं।

व्याख्या (Explanation)

भीलवाड़ा कस्बे से 25 किलोमीटर दूर कोठारी नदी के किनारे महासतियाँ नामक स्थल पर वर्ष 1967-68 में डॉ. वीरेंद्रनाथ मिश्र, डॉ. एल.एस. लेश्निक व डेक्कन कॉलेज पूना और राजस्थान पुरातत्व विभाग के सहयोग से की गयी खुदाई में 3000 ई.पू. से लेकर 500 ई.पू. तक के काल की बागौर सभ्यता का पता लगा।

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स्रोत: PTI and Librarian (Sanskrit College Edu.) - 2024 (General Studies of Rajasthan)

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राजस्थान में सर्वप्रथम पूर्वपाषाणकालीन हस्त कुठार किसने खोजी -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (COS) Exam 2024
Aवी. एस. शिन्दे
Bसी. ए. हैकेट
Cआर. सी. अग्रवाल
Dअमलानन्द घोष

सही उत्तर: सी. ए. हैकेट

व्याख्या (Explanation)

प्रारम्भिक पाषाण काल के उपकरणों की खोज सर्वप्रथम श्री सी. ए. हैकट ने जयपुर और इन्द्रगढ़ से की थी। उन्होंने यहाँ से अश्म पत्थर से बने हस्त कुठार (हैण्ड एक्स) खोज निकाले थे, जो भारतीय संग्रहालय कोलकाता में उपलब्ध हैं।

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स्रोत: Junior Instructor (COS) Exam 2024

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_____ में धूप से पकाई ईंटों और पत्थरों का प्रयोग मकान बनाने में किया जाता था।

📋 पूछा गया: Junior Instructor (STE) Exam 2024
Aकालीबंगा सभ्यता
Bआहड़ सभ्यता
Cगणेश्वर सभ्यता
Dरैढ़ सभ्यता

सही उत्तर: आहड़ सभ्यता

व्याख्या (Explanation)

उदयपुर से तीन किलोमीटर दूर 500 मीटर लम्बे धूलकोट के नीचे आहड़ का पुराना कस्बा दवा हुआ है जहाँ से ताम्रयुगीन सभ्यता प्राप्त हुई है। इस सभ्यता में लोग मकान बनाने में धूप में सुखाई गई ईंटों व पत्थरों का प्रयोग करते थे। बड़े व चौकोर मकान, पत्थर की नींव डालकर बनाते थे जबकि दीवारों के लिए मिटटी की ईंटों का प्रयोग होता था। मकान की छत पर बांस बिछा कर उस पर मिटटी का लेप किया जाता था।

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स्रोत: Junior Instructor (STE) Exam 2024

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राजस्थान में 1952 ई. में अमलानंद घोष ने किस सभ्यता की खोज की -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (ICTSM) Exam 2024
Aआहड़
Bकालीबंगा
Cबागोर
Dबैराठ

सही उत्तर: कालीबंगा

व्याख्या (Explanation)

अमलानंद घोष ने 1952 में हनुमानगढ़ जिले में कालीबंगा स्थल की खोज की, जो हड़प्पा सभ्यता का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। इस स्थान का उत्खनन कार्य सन् 1961 से 1969 के मध्य ‘श्री बी. बी. लाल’, ‘श्री बी. के. थापर’, ‘श्री डी. खरे’, ‘के. एम. श्रीवास्तव’ एवं ‘श्री एस. पी. श्रीवास्तव’ के निर्देशन में सम्पादित हुआ था। कालीबंगा स्वतंत्र भारत का वह पहला पुरातात्विक स्थल है जिसका स्वतंत्रता के बाद पहली बार उत्खनन किया गया तत्पश्चात् रोपड़ का उत्खनन किया गया।

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स्रोत: Junior Instructor (ICTSM) Exam 2024

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राजस्थान में किस स्थान के उत्खनन से तीन हजार पचहत्तर (3075) चाँदी के ‘पंचमार्क’ सिक्के मिले हैं -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (EM) Exam 2024
Aबैराठ
Bरैढ़
Cआहड़
Dबालाथल

सही उत्तर: रैढ़

व्याख्या (Explanation)

ढील नदी के किनारे स्थित रैढ़ में उत्खनन कार्य सर्वप्रथम जयपुर की ओर से बहादुर दयाराम साहनी MACIE, पुरातत्व और ऐतिहासिक अनुसंधान के निदेशक ने 1938 से 1940 तक किया। इसको अंतिम रूप डॉ. केदारनाथ पुरी ने दिया। उत्खनित क्षेत्र का विवरण के.एन. पुरी ने जयपुर शासन के तत्वाधान में ‘एस्केवैशनएट रैढ़’ में प्रकाशित किया। रैढ़ (टोंक) की खुदाई से 3075 चाँदी के पंचमार्क सिक्के मिले हैं जो भारत के प्राचीनतम सिक्के हैं और एक ही स्थान से मिले सिक्कों की सबसे बड़ी संख्या है। इन सिक्कों को धरण या पण कहा जाता था।

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स्रोत: Junior Instructor (EM) Exam 2024

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राजस्थान में झुंझुनू ज़िले में खेतड़ी तहसील के किस गांव से अयस्क से लोहा बनाने की भट्टियों के अवशेष मिले हैं -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (EM) Exam 2024
Aसुनारी
Bनागरी
Cबरोर
Dबागोर

सही उत्तर: सुनारी

व्याख्या (Explanation)

झुंझुनूं की खेतड़ी तहसील के सुनारी में कांटली नदी के तट पर खुदाई में अयस्क से लौहा बनाने की भट्टियों के अवशेष प्राप्त हुए हैं। ये भारत की प्राचीनतम भट्टियाँ मानी जाती हैं। इन भट्टियों में धोंकनी लगाने का प्रावधान था, जिससे तापक्रम नियंत्रित किया जाता था।

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स्रोत: Junior Instructor (EM) Exam 2024

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निम्न में से किस पुरा स्थल से यूनानी चिह्नांकित मुद्राएँ प्राप्त हुई हैं -

📋 पूछा गया: AGRICULTURE OFFICER (AGRI. DEPTT.) COMP. EXAM - 2024
Aआहड़
Bअहीरवाड़ा
Cदरीबा
Dजोधपुरा

सही उत्तर: आहड़

व्याख्या (Explanation)

आहड़, उदयपुर से तृतीय ईसा पूर्व से प्रथम ईसा पूर्व की यूनानी तांबे की छः मुद्रायें व तीन मोहरें मिली हैं। एक मुद्रा पर एक ओर त्रिशूल तथा दूसरी ओर अपोलो देवता अंकित है जो तीर एवं तरकश से युक्त है। इस पर यूनानी भाषा में लेख अंकित है।

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स्रोत: AGRICULTURE OFFICER (AGRI. DEPTT.) COMP. EXAM - 2024

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गणेश्वर-ज़ोधपुरा कॉपर कॉम्पलेक्स निम्नलिखित में से किस-किस मृद्भांड से सम्बंधित है -

📋 पूछा गया: AGRICULTURE OFFICER (AGRI. DEPTT.) COMP. EXAM - 2024
Aगेरुए रंग के मृद्भांड
Bकाले एवं लाल मृद्भांड
Cउत्तरी काले पॉलिशयुक्त मृद्भांड
Dचित्रित धूसर मृद्भांड

सही उत्तर: गेरुए रंग के मृद्भांड

व्याख्या (Explanation)

गणेश्वर-जोधपुर ताम्रपाषाण संस्कृति की खोज सबसे पहले 1970 के दशक में जोधपुरा और गणेश्वर में उत्खनन के बाद हुई थी। यहाँ से गेरुए रंग के मृद्भांड (Ochre Coloured Pottery, OCP) प्राप्त हुए हैं, जो इस क्षेत्र की संस्कृति से संबंधित हैं।

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स्रोत: AGRICULTURE OFFICER (AGRI. DEPTT.) COMP. EXAM - 2024

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छिद्र वाली सुई किस मध्य पाषाण स्थल की महत्वपूर्ण खोज है -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (COPA) Exam 2024
Aगणेश्वर
Bबागोर
Cगिलुण्ड
Dआहड़

सही उत्तर: बागोर

व्याख्या (Explanation)

बागोर (राजस्थान) एक मध्य पाषाण स्थल है, जहां छिद्र वाली सुई की खोज हुई थी, जो प्राचीन शिल्प का प्रमाण है।

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स्रोत: Junior Instructor (COPA) Exam 2024

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जालौर से पूर्व-पाषाणकालीन उपकरण खोजने का श्रेय निम्न में से किसे है -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (Wireman) Exam 2024
Aवी. एस. शिन्दे
Bविजय कुमार
Cबी. आल्चिन
Dवीरेन्द्रनाथ मिश्रा

सही उत्तर: बी. आल्चिन

व्याख्या (Explanation)

टोंक आदि क्षेत्रों की प्रमुख नदियों, विशेष रूप से चम्बल, बनास व उनकी सहायक नदियों के किनारे पूर्व पाषाणकालीन उपकरण हैण्ड एक्स, क्लीवर तथा चॉपर,विदारिणी, चक्राकार उपकरण विशेषतः प्राप्त हुये हैं। जालोर से इस युग के उपकरणों की खोज का श्रेय बी. आल्चिन को है।

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स्रोत: Junior Instructor (Wireman) Exam 2024

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