राजस्थान विधानमण्डल का अंग नहीं है-
सही उत्तर: विधानपरिषद्
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राज्य विधान मंडल से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 159 प्रश्नों में से यह पेज 13 है।
राजस्थान विधानमण्डल का अंग नहीं है-
सही उत्तर: विधानपरिषद्
राजस्थान की प्रथम महिला सांसद कौन थी -
सही उत्तर: शारदा भार्गव
स्रोत: Junior Instructor(electrician)
पहले आम चुनाव में विधानसभा में कितनी सीटे थी -
सही उत्तर: 160 सीटे
व्याख्या (Explanation)
प्रथम राजस्थान विधान सभा (1952-57) का उद्घाटन 31 मार्च 1952 को हुआ था। इसमें 160 सदस्य संख्या थी। 1956 में राजस्थान के साथ तत्कालीन अजमेर राज्य के विलय के बाद इसे बढ़ाकर 190 कर दिया गया था। दूसरी (1957–62) और तीसरी (1962–67) विधानसभाओं में 176 की संख्या थी। चौथे (1967-72) और पांचवें (1972-77) विधान सभा में 184 सदस्य थे। छठी विधान सभा (1977–80) से 200 हो गई।
राजस्थान विकास पार्टी की स्थापना की थी -
सही उत्तर: बूटा सिंह
राजस्थान की पहली विधान सभा में कितने सदस्य निर्वाचित हुए थे -
सही उत्तर: 160
व्याख्या (Explanation)
प्रथम राजस्थान विधानसभा (1952-57) का उद्घाटन 31 मार्च 1952 को हुआ था। इसमें 160 सदस्य थे।
स्रोत: Raj Police Constable(7981)
श्रीमती वसुन्धरा राजे राजस्थान की प्रथम बार मुख्यमंत्री ............ के मध्य रही -
सही उत्तर: 2003-2008
स्रोत: Raj Jail Warder (27-10-18) Shift 3
राजस्थान के किस वर्तमान विधायक ने काॅमनवेल्थ गेम्स 2010 में स्वर्ण पदक जीता था -
सही उत्तर: कृष्णा पूनिया
राजस्थान विधान सभा के ज्योति नगर स्थित भवन का लोकार्पण कब किया -
सही उत्तर: 2001
व्याख्या (Explanation)
राजस्थान विधानसभा का भवन भारत के सबसे आधुनिक विधानमंडल परिसरों में से एक है। जयपुर के ज्योति नगर में 16.96 एकड़ के विशाल परिसर में स्थित है। इस परियोजना पर काम नवंबर 1994 में शुरू हुआ और मार्च 2001 में पूरा हुआ।
स्रोत: Raj Jail Warder (27-10-18) Shift 2
किस लोकसभा चुनाव में राजस्थान की सदस्य संख्या 23 से बढ़ाकर 25 कर दी गई -
सही उत्तर: षष्ठम
स्रोत: Raj Jail Warder (20-10-18) Shift 3
यदि किसी ऐसे व्यक्ति को राज्य का मंत्री बनाया जाता है, जो राज्य विधायिका का सदस्य नहीं है, तो इस विषय में संवैधानिक प्रावधान क्या है -
सही उत्तर: उसका छः माह के भीतर निर्वाचन किया जाये।
व्याख्या (Explanation)
यदि किसी ऐसे व्यक्ति को राज्य का मंत्री बनाया जाता है, जो राज्य विधायिका का सदस्य नहीं है, तो इस विषय में संविधान का प्रावधान अनुच्छेद 164(4) के तहत किया गया है। इसके अनुसार: वह व्यक्ति, जो राज्य की विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य नहीं है, मंत्री के रूप में शपथ ले सकता है। लेकिन, उसे छः माह के भीतर राज्य की विधायिका (विधानसभा या विधान परिषद) का सदस्य बनना आवश्यक होता है। यदि वह व्यक्ति इस अवधि के भीतर सदस्य नहीं बनता है, तो उसे अपने मंत्री पद से इस्तीफा देना होगा।