लूनी नदी के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजीए। a) लूनी नदी का उद्गम स्थल नाग हिल्स है। b) लूनी बेसिन पश्चिमी शुष्क रेगिस्तान का एक हिस्सा है। c) बालोतरा (बाड़मेर) तक इसका पानी खारा बना रहता है और बाद में मीठे पानी का हो जाता है। d) मूल में इसे सागरमती कहा जाता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा सही हैं -
सही उत्तर: a, b और d
व्याख्या (Explanation)
पश्चिम राजस्थान की एकमात्र नदी लूनी नदी का उद्गम अजमेर जिले के नाग की पहाडियों से होता है। आरम्भ में इस नदी को सागरमति या सरस्वती कहते है। यह नदी अजमेर से नागौर, ब्यावर, जोधपुर ग्रामीण, पाली, बालोतरा, बाडमेर, सांचौर जिलों से होकर बहती हुई गुजरात के कच्छ जिले में प्रवेश करती है और कच्छ के रण में विलुप्त हो जाती है। यह नदी बालोतरा के पश्चात् खारी हो जाती है क्योंकि रेगिस्तान क्षेत्र से गुजरने पर रेत में सम्मिलित नमक के कण पानी में विलीन हो जाती है। इससे इसका पानी खारा हो जाता है।