महाराणा कुम्भा के शासनकाल में चित्तौड़ का वास्तुकार कौन था -
सही उत्तर: मण्डन
व्याख्या (Explanation)
मंडन मुलतः गुजरात के ब्राहम्ण थे और कुम्भा के प्रमुख वास्तुकार थे। ये कुंभलगढ़ दुर्ग के मुख्य शिल्पी थे।
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के मेवाड़ का गुहिल वंश से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 443 प्रश्नों में से यह पेज 32 है।
महाराणा कुम्भा के शासनकाल में चित्तौड़ का वास्तुकार कौन था -
सही उत्तर: मण्डन
व्याख्या (Explanation)
मंडन मुलतः गुजरात के ब्राहम्ण थे और कुम्भा के प्रमुख वास्तुकार थे। ये कुंभलगढ़ दुर्ग के मुख्य शिल्पी थे।
महाराणा कुम्भा के विषय में निम्नांकित में से कौन-सा कथन असत्य है -
सही उत्तर: वे स्वयं विद्वान न थे, किन्तु विद्वानों के आश्रयदाता थे।
व्याख्या (Explanation)
महाराणा कुम्भा न केवल वीर, युद्धकौशल में निपुण तथा कला प्रेमी थे वरन् एक विद्वान तथा विद्यानुरागी भी थे। महाराणा कुम्भा स्वंय वीणा बजाया करते थे। इनके संगीत गुरू सारंग व्यास थे। जबकी इनके गुरू जैन आचार्य हीरानंद थे। एकलिंगमाहात्म्य से विदित होता है कि वह वेद, स्मृति, मीमांसा, उपनिषद्, व्याकरण, राजनीति और साहित्य में बड़ा निपुण था। संगीतराज, संगीतमीमांसा एवं सूड़प्रबन्ध इनके द्वारा रचित संगीत के ग्रन्थ थे।
स्रोत: Stenographer Comp. Exam - 2011 (Paper I)
निम्नांकित युद्धों व उनके घटना-वर्षों को सुमेलित कीजिये - सूची -1 सूची -2 अ. खानवा का युद्ध 1. 1761 ई. हल्दीघाटी का युद्ध 2. 1576 ई. तराइन का द्वितीय युद्ध 3. 1192 ई. पानीपत की तीसरी लड़ाई 4. 1527 ई. अ, ब, स, द
सही उत्तर: 4, 2, 3, 1
व्याख्या (Explanation)
घटना वर्ष खानवा का युद्ध 1527 ई. हल्दीघाटी का युद्ध 1576 ई. तराइन का द्वितीय युद्ध 1192 ई. पानीपत की तीसरी लड़ाई 1761 ई.
स्रोत: Stenographer Comp. Exam - 2011 (Paper I)
सिसोदिया वंश का पहला शासक कौन था -
सही उत्तर: राणा हम्मीर
व्याख्या (Explanation)
रतनसिंह के चित्तौड़ के घेरे के समय काम आने से समूची रावल शाखा की भी समाप्ति हो गयी। गौरीशंकर हिराचंद औझा के अनुसार मालदेव सोनगरा चौहान के पुत्र जयसिंह/जैसा चौहान को पराजित कर सीसोदा शाखा के राणा अरिसिंह के पुत्र राणा हमीर ने चित्तौड़गढ़ पर अधिकार कर लिया। तब से मेवाड़ के शासक महाराणा/राणा तथा वंश सिसोदिया कहलाने लगा।
सारंगपुर का युद्ध राणा कुंभा और ________ के बीच लड़ा गया था -
सही उत्तर: महमूद खिलजी
व्याख्या (Explanation)
सारंगपुर युद्ध / मालवा युद्ध 1437 ई. : कुम्भा ने रणमल राठौड़ की सैनिक सहायता से 1437 ई० में ‘सारंगपुर के युद्ध’ (मध्य प्रदेश) में मालवा के सुल्तान महमूद खिलजी प्रथम को पराजित कर बंदी बना लिया।
बाबर व राणा सांगा के बीच खानवा का युद्ध कब हुआ -
सही उत्तर: 1527 ई.
व्याख्या (Explanation)
खानवा का युद्ध (17 मार्च, 1527) : खानवा युद्ध राणा सांगा एवं मुगल सम्राट जहीरुद्दीन मुहम्मद बाबर के मध्य 17 मार्च, 1527 ई. को बयाना के पास (वर्तमान रूपबास) हुआ।
सूची-I एवं सूची-II को सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिये गये कूट में से सही उत्तर चुनिए – सूची-I (A) गागरोण का युद्ध (B) सारंगपुर का युद्ध (C) सुमेल का युद्ध (D) साहेबा का युद्ध सूची-II (i) 1519 ई. (ii) 1544 ई. (iii) 1437 ई. (iv) 1541-42 ई. कूट –
सही उत्तर: A-(i), B-(iii), C-(ii), D-(iv)
व्याख्या (Explanation)
युद्ध वर्ष गागरोण का युद्ध 1519 ई. सारंगपुर युद्ध / मालवा युद्ध 1437 ई. पाहेबा-साहेबा युद्ध 1542 ई. गिरी सुमेल 1544 ई.
स्रोत: RPSC Ras Pre. Exam 2021
निम्नलिखित युद्ध राजस्थान के इतिहास में सीमा चिह्न हैं: 1. खानवा का युद्ध 2. भटनेर का युद्ध 3. सुमेल-गिरि का युद्ध 4. हल्दीघाटी का युद्ध इन युद्धों को सही तिथिक्रम में रखते हुए, सही उत्तर का चयन कीजिये:
सही उत्तर: 2,1,3,4
व्याख्या (Explanation)
भटनेर का युद्ध (1398 ई.) खानवा का युद्ध (17 मार्च, 1527) : राणा सांगा एवं जहीरुद्दीन मुहम्मद बाबर गिरी सुमेल के युद्ध (1544 ई.) : मालदेव व शेरशाह हल्दीघाटी (राजसमंद) का युद्ध (18 जून, 1576) : राणा प्रताप एवं अकबर
स्रोत: Rajasthan Patwar 2021 (23 Oct 2021) 1st shift
निम्नलिखित में से कौन से राजपूत सरदार हल्दीघाटी के युद्ध में राणा प्रताप के पक्ष में लड़े थे - 1. रामसिंह तंवर (राम साहा) 2. बीदा झाला 3. रावत कृष्णदास चूण्डावत 4. माधोसिंह कछवाहा दिये गये कूटों के आधार पर सही उत्तर का चयन कीजिए:
सही उत्तर: 1, 2 एवं 3
व्याख्या (Explanation)
हल्दीघाटी का युद्ध 18 जून, 1576 को मुगल सम्राट अकबर की सेना, अंबर के मान सिंह प्रथम के नेतृत्व में और मेवाड़ के राणा, महाराणा प्रताप का समर्थन करने वाले घुड़सवारों और धनुर्धारियों के बीच लड़ी गई थी। माधोसिंह प्रथम ने 1750 से 1768 ई. तक शासन किया।
स्रोत: Rajasthan Patwar 2021 (23 Oct 2021) 1st shift
उस व्यक्तित्व का नाम बताइए जो कि ‘अभिनव भरताचार्य’ के नाम से भी जाना जाता है।
सही उत्तर: महाराणा कुंभा
व्याख्या (Explanation)
महाराणा कुम्भा न केवल वीर, युद्धकौशल में निपुण तथा कला प्रेमी थे वरन् एक विद्वान तथा विद्यानुरागी भी थे। महाराणा कुम्भा स्वंय वीणा बजाया करते थे। इनके संगीत गुरू सारंग व्यास थे। जबकी इनके गुरू जैन आचार्य हीरानंद थे। उनकी उपाधि अभिनव भारताचार्य (संगीत कला में निपुण) से सिद्ध है कि वह स्वयं महान् संगीतकार थे।
स्रोत: Rajasthan Patwar 2021 (23 Oct 2021) 1st shift