गुर्जरों को किस शासक ने प्राजित किया -
सही उत्तर: प्रभाकरवर्धन
व्याख्या (Explanation)
हर्षवर्धन के पिता प्रभाकर वर्धन ने गुर्जरों को पराजित किया और इसके बाद हर्षवर्धन राजस्थान के अधिकांश भाग पर शासन करने वाले वर्धनवंश के एकमात्र शासक बने।
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के गुर्जर प्रतिहार वंश से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 85 प्रश्नों में से यह पेज 4 है।
गुर्जरों को किस शासक ने प्राजित किया -
सही उत्तर: प्रभाकरवर्धन
व्याख्या (Explanation)
हर्षवर्धन के पिता प्रभाकर वर्धन ने गुर्जरों को पराजित किया और इसके बाद हर्षवर्धन राजस्थान के अधिकांश भाग पर शासन करने वाले वर्धनवंश के एकमात्र शासक बने।
प्रतिहार एवं पाल शासकों पर विजय की उपलक्ष में ध्रुव ने गंगा व जमुना के चिह्नों को सम्मिलित किया -
सही उत्तर: राष्ट्रकूट कुलचिह्न में
व्याख्या (Explanation)
राष्ट्रकूट राजा ध्रुव बड़ा महत्वकांक्षी था। उसने वत्सराज पर आक्रमण कर किया और इन्हें पराजित कर दिया। इसके बाद उसने पाल शासक धर्मपाल को भी पराजित कर दिया। यह युद्ध गंगा और यमुना के दोआब में हुआ था इसी कारण इस विजय के उपलक्ष्य में ध्रुव ने कुलचिह्न(एम्बलम) में गंगा व यमुना के चिह्नों का सम्मिलित किया।
किस प्रतिहार शासक के शासनकाल में उद्योतन सूरि ने कुवलयमाला ग्रन्थ की रचना की -
सही उत्तर: वत्सराज
व्याख्या (Explanation)
वत्सराज ने औसियां के मंदिरों का निर्माण करवाया। औसियां सूर्य व जैन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। इसके समय उद्योतन सूरी ने “कुवलयमाला” की रचना 778 में जालौर में की।
किसके शासन काल में कन्नौज को लेकर त्रिपक्षीय संघर्ष(राष्ट्रकूट, पाल व प्रतिहार) प्रारम्भ हुआ -
सही उत्तर: वत्सराज
व्याख्या (Explanation)
कन्नौज(कान्यकुब्ज में आयुध वंश) को प्राप्त करने के लिए के लिए पूर्व में बंगाल से पाल, दक्षिण से मान्यखेत के राष्ट्रकूट एवं उत्तर-पश्चिम से उज्जैन के प्रतिहारों के मध्य संघर्ष चला। इसे भारतयी इतिहास में ‘त्रिपक्षीय संघर्ष’ या ‘त्रिकोणात्मक संघर्ष’ कहा जाता है। त्रिकोणात्मक संघर्ष की शुरूआत वत्सराज ने की थी।
गुर्जर प्रतिहार वंश का प्रथम, योग्य व प्रतापी शासक था -
सही उत्तर: नागभट्ट प्रथम
व्याख्या (Explanation)
प्रतिहार शासक नागभट्ट प्रथम ने आठवीं शताब्दी में भीनमाल पर अधिकार कर उसे अपनी राजधानी बनाया। बाद में में इन्होंने उज्जैन को अपने अधिकार में कर लिया एवं उज्जैन उनकी शक्ति का प्रमुख केन्द्र हो गया। ये बड़े प्रतापी शासक थे इनका दरबार ‘नागावलोक का दरबार’ कहलाता था।
नागभट्ट द्वितीय ने धर्मपाल को हराकर कौनसी उपाधि धारण की -
सही उत्तर: परमभट्टारक महाराजाधिराज परमेश्वर
व्याख्या (Explanation)
नागभट्ट द्वितीय वत्सराज के उत्तराधिकारी थे। इन्होंने 816 ई. में कन्नौज पर आक्रमण कर चक्रायुद्ध को पराजित किया तथा कन्नौज को प्रतिहार वंश की राजधानी बनाया। बकुला अभिलेख में इन्हें ‘परमभट्टारक महाराजाधिराज परमेश्वर’ कहा गया हे।
अरब यात्री अलमसूदी ने किस प्रतिहार शासक के शासन-काल में भ्रमण किया -
सही उत्तर: महीपाल
व्याख्या (Explanation)
महीपाल के समय में अरब यात्री ‘अलमसूदी’ ने भारत की यात्रा की। अल मसूदी ने इसके राज्य को अल गुर्जर तथा इसे बौरा कहा है।
निम्न में से किस विदेश यात्री ने गुर्जर-प्रतिहार राजवंश की सैन्य शक्ति एवं समृद्धि का उल्लेख किया -
सही उत्तर: सुलेमान
व्याख्या (Explanation)
अरब यात्री ‘सुलेमान’ ने मिहिरभोज के समय भारत की यात्रा की ओर मिहिरभोज को भारत का सबसे शक्तिशाली शासक बताया। जिसने अरबों को रोक दिया।
वह गुर्जर प्रतिहार शासक जिसने कन्नौज विजय के उपलक्ष्य में ‘परमभट्टारक महाराजाधिराज परमेश्वर’ की उपाधि धारण की थी-
सही उत्तर: नागभट्ट द्वितीय
व्याख्या (Explanation)
नागभट्ट द्वितीय वत्सराज के उत्तराधिकारी थे। इन्होंने 816 ई. में कन्नौज पर आक्रमण कर चक्रायुद्ध को पराजित किया तथा कन्नौज को प्रतिहार वंश की राजधानी बनाया। बकुला अभिलेख में इन्हें ‘परमभट्टारक महाराजाधिराज परमेश्वर’ कहा गया हे।
सूची – I से सूची – II को सुमेलित कीजिये और नीचे दिये गये कूट का प्रयोग करते हुये। सही उत्तर चुनिये – सूची -I (शासक) सूची -II(राजवंश) (A) विग्रहराज IV (i) प्रतिहार (B) हरिशचन्द्र (ii) चौहान (C) बप्पा रावल (iii) गहड़वाल (D) जयचंद (iv) गुहिल (A) (B) (C) (D)
सही उत्तर: (ii) (i) (iv) (iii)
व्याख्या (Explanation)
शासक राजवंश विग्रहराज IV चौहान हरिशचन्द्र प्रतिहार बप्पा रावल गुहिल जयचंद गहड़वाल