मण्डौर के प्रतिहार माने जाते हैं -
सही उत्तर: क्षत्रिय
व्याख्या (Explanation)
मण्डौर के प्रतिहार को क्षत्रिय माना जाता है।
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के गुर्जर प्रतिहार वंश से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 85 प्रश्नों में से यह पेज 7 है।
मण्डौर के प्रतिहार माने जाते हैं -
सही उत्तर: क्षत्रिय
व्याख्या (Explanation)
मण्डौर के प्रतिहार को क्षत्रिय माना जाता है।
किस राजा के वंशज गुर्जर प्रतिहार कहे जाने लगे -
सही उत्तर: नागभट्ट द्वितीय
व्याख्या (Explanation)
नागभट्ट द्वितीय वत्सराज के उत्तराधिकारी थे। इन्होंने 816 ई. में कन्नौज पर आक्रमण कर चक्रायुद्ध को पराजित किया तथा कन्नौज को प्रतिहार वंश की राजधानी बनाया। हर्षनाथ प्रशस्ति के अनुसार इसके दरबार में चौहान गुवक प्रथम को वीर की उपाधि दी गई थी।
निम्नलिखित में से प्रतिहार राजा नागभट्ट प्रथम के बारे में कौन-सा कथन सही है -
सही उत्तर: उन्होंने सिंध के अरब शासकों को हराया जो राजस्थान, गुजरात, पंजाब आदि पर अतिक्रमण करने की कोशिश कर रहे थे।
व्याख्या (Explanation)
प्रतिहार शासक नागभट्ट प्रथम ने आठवीं शताब्दी में भीनमाल पर अधिकार कर उसे अपनी राजधानी बनाया। बाद में में इन्होंने उज्जैन को अपने अधिकार में कर लिया एवं उज्जैन उनकी शक्ति का प्रमुख केन्द्र हो गया। ये बड़े प्रतापी शासक थे इनका दरबार ‘नागावलोक का दरबार’ कहलाता था। इनके समय में सिन्ध की ओर से बिलोचों ने आक्रमण किया और अरबो ने अरब से। नागभट्ट ने इन्हें अपनी सीमा में घुसने नहीं दिया जिससे उनकी ख्याति बहुत बढ़ी। इन्हें ग्वालियर प्रशस्ति में ‘नारायण’ और ‘म्लेच्छों का नाशक’ कहा गया है।
स्रोत: Police Constable Exam (13 May 2022 Shift-1)
राजा नागभट्ट द्वितीय का संबंध निम्नलिखित में से किस राजवंश से था -
सही उत्तर: प्रतिहार
व्याख्या (Explanation)
नागभट्ट द्वितीय वत्सराज के उत्तराधिकारी थे। इन्होंने 816 ई. में कन्नौज पर आक्रमण कर चक्रायुद्ध को पराजित किया तथा कन्नौज को प्रतिहार वंश की राजधानी बनाया।
स्रोत: Police Constable Exam (13 May 2022 Shift-2)
750-1000 ईस्वी के दौरान राजस्थान और अधिकांश उत्तरी भारत पर निम्नलिखित में से किसने शासन किया था -
सही उत्तर: प्रतिहार
व्याख्या (Explanation)
प्रतिहारों ने 750-1000 ईस्वी के दौरान राजस्थान और अधिकांश उत्तरी भारत पर शासन किया।
स्रोत: Police Constable Exam (15 May 2022 Shift-1)
मंडोर के प्रतिहार शासकों में निम्नलिखित में से कौन व्याकरण, तर्कशास्त्र, ज्योतिष, कला और काव्य रचना में कुशल थे और उन्हें, प्रत्यक्ष रूप से, एक से अधिक भाषाओं में प्रतिष्ठित कवि के रूप में स्वीकार किया गया था -
सही उत्तर: कक्का
व्याख्या (Explanation)
कक्का व्याकरण, तर्कशास्त्र, ज्योतिष, कला और काव्य रचना में कुशल थे।
स्रोत: Police Constable Exam (15 May 2022 Shift-2)
निम्नलिखित में से कौन शाही प्रतिहार सम्राट महेंद्रपाल प्रथम का गुरु था -
सही उत्तर: राजशेखर
व्याख्या (Explanation)
महेन्द्रपाल प्रथम के गुरू व आश्रित कवि राजशेखर थे। राजशेखर ने कर्पूरमंजरी, काव्यमीमांसा, विद्धसालभंज्जिका, बालभारत, बालरामायण, हरविलास और भुवनकोश की रचना की। इन्होंने अपने ग्रन्थों में महेन्द्रपाल को रघुकुल चूड़ामणि, निर्भय नरेश, निर्भय नरेन्द्र कहा है।
स्रोत: Police Constable Exam (15 May 2022 Shift-2)
गुर्जर प्रतिहारों की राजधानी किस स्थान पर थी, जो जालौर में भीनमाल का एक पुराना नाम भी था -
सही उत्तर: श्रीमाल
व्याख्या (Explanation)
550 से 1018 ई. तक, लगभग 500 वर्षों तक उत्तरी भारत के इतिहास में गुर्जरों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गुर्जर-प्रतिहार राजा नागभट्ट प्रथम ने कन्नौज को जीता और राजस्थान के अधिकांश भाग पर शासन स्थापित किया। उनके राज्य की राजधानी श्रीमाल थी, जो जालौर में भीनमाल का पुराना नाम है।
स्रोत: Police Constable Exam (02 July 2022) (Re Exam)
निम्नलिखित में से किन अभिलेखों में प्रतिहारों को गुर्जर कहा गया है - 1. नीलगुण्ड 2. देवली 3. राधनपुर 4. कराड़ कूट -
सही उत्तर: 1, 2, 3, 4
व्याख्या (Explanation)
नीलकुण्ड, राधनपुर, देवली तथा करडाह शिलालेख में प्रतिहारों को गुर्जर कहा गया है।
किस प्रतिहार शासक ने ‘आदिवराह’ की उपाधि धारण की -
सही उत्तर: मिहिरभोज
व्याख्या (Explanation)
ग्वालियर अभिलेख में मिहिरभोज प्रथम(836-885 ई.) की उपाधि आदिवराह मिलती है। वहीं दौलतपुर अभिलेख इन्हें प्रभास कहता है। इनके समय प्रचलित चांदी ओर तांबे के सिक्कों पर ‘श्रीमदादिवराह’ अंकित था।
स्रोत: Sr. Computer Instructor 2022 Paper 1