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राठौड़ वंश PYQ in Hindi - पेज 2

इस पेज पर Rajasthan GK के राठौड़ वंश से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 230 प्रश्नों में से यह पेज 2 है।

11

निम्न में से किस राज्य के शासक ने 1837 में अपनी गया तीर्थयात्रा में अपने सामंतों को कन्यावध न करने के लिए शपथ दिलाई थी -

📋 पूछा गया: Deputy Jailor (Jail Deptt.) Comp. Exam-2024
Aजोधपुर
Bझालावाड़
Cबीकानेर
Dबूँदी

सही उत्तर: बीकानेर

व्याख्या (Explanation)

वि.सं. 1892 की फाल्गुन सुदि 9 (ई. सन् 1836, तारीख 26 फरवरी) को अपने पूज्य पिता की स्मृति में अन्य पूर्वजों की मृत्यु-स्मारक छतरियों का जीर्णोद्धार करा कर महाराजा रतन सिंह ने वि.सं. 1893 की कार्तिक सुदि 10 (ई. सन् 1836, तारीख 18 नवंबर) को छह हजार साथियों और जनाने के साथ गया-यात्रा के लिए प्रस्थान किया। इस अवसर पर उनके साथ एक अंग्रेज अफसर भी रहा। मथुरा, वृंदावन, प्रयाग तथा काशी की यात्रा करते हुए महाराजा रतन सिंह, पौष सुदि 14 (ई. सन् 1837, तारीख 20 जनवरी) को गया पहुंचे। वहां रहते हुए महाराजा ने केवल स्वयं कन्या-वध नहीं करने की प्रतिज्ञा ली वरन अपने साथ के सभी सरदारों से भी यह प्रतिज्ञा कराई कि वे आज के बाद कभी भी अपने घर में पुत्री का जन्म होने पर उसकी हत्या नहीं करेंगे।

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स्रोत: Deputy Jailor (Jail Deptt.) Comp. Exam-2024

12

जोगीतीर्थ वार्ता के दौरान मालदेव हुमायूँ की सहायतार्थ कौन सा क्षेत्र देने को तैयार था -

📋 पूछा गया: Deputy Jailor (Jail Deptt.) Comp. Exam-2024
Aबीकानेर
Bजैसलमेर
Cजोगीतीर्थ
Dफलौदी

सही उत्तर: बीकानेर

व्याख्या (Explanation)

‘जोगीतीर्थ’ पहुँचने पर मालदेव द्वारा भेजी गयी अशर्फियों तथा रसद से हुमायूँ का स्वागत किया गया। उस समय यह भी सन्देश उसके पास भेजा गया कि मालदेव हर प्रकार से हुमायूँ की सहायता के लिए तैयार है और बादशाह को बीकानेर का परगना सुपुर्द करने को तैयार है।

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स्रोत: Deputy Jailor (Jail Deptt.) Comp. Exam-2024

13

जोधपुर शहर की स्थापना किसने की -

📋 पूछा गया: Prahari 2024 Shift 1
Aराव मालदेव
Bराव चूंडा
Cराव रावल
Dराव जोधा

सही उत्तर: राव जोधा

व्याख्या (Explanation)

जोधा ने अपने राज्य का विस्तार किया और अपने संबंधियों को वहां पर सामंत नियुक्त किया। इसलिए राव जोधा को मारवाड़ में सामंत प्रथा का वास्तविक संस्थापक कहा जाता है। नैणसी, बांकीदास, दयालदास के अनुसार अपने राज्य की शक्ति संगठित करने के लिए राव जोधा ने अपने वृहत् राज्य की नयी राजधानी जोधपुर (सूर्य नगरी व नीली नगरी) में 1459 ई. में स्थापित की। राजधानी को सुरक्षित रखने के लिए चिड़िया टूक पहाड़ी पर नया दुर्ग भी बनवाया गया जिसे मेहरानगढ़ कहा गया। लगभग 50 वर्ष के लम्बे शासन के अनुभव के बाद जोधा की मृत्यु 1489 इ. में हुई। डॉ. ओझा राव जोधा को ही जोधपुर का पहला प्रतापी राजा कहते हैं।

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स्रोत: Prahari 2024 Shift 1

14

निम्न में से कौन सिवाना में राव चंद्रसेन के विरुद्ध मुगल अभियान में सम्मिलित नहीं था -

📋 पूछा गया: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-C)
Aकेशोदास
Bजगतराम
Cरायसिंह
Dकल्ला

सही उत्तर: कल्ला

व्याख्या (Explanation)

1573 ई. में अकबर ने चन्द्रसेन को अपने अधीन बनाने के लिए शाहकुली खाँ के साथ जगतसिंह, केशवदास मेड़तिया, बीकानेर के रायसिंह आदि को भेजा। यह सेना सोजत में चन्द्रसेन के भतीजे कल्ला को पराजित करते हुए सिवाना पहुँची। चन्द्रसेन किले की रक्षा का भार पत्ता राठौड़ को सौंपकर पहाड़ों में चला गया और वहीं से मुगल सेना पर छापामार पद्धति से आक्रमण कर उसे क्षति पहुँचाने लगा। 1575 ई. में सिवाना के दुर्ग पर अकबर का अधिकार हो गया।

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स्रोत: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-C)

15

1593 में बीकानेर के रायसिंह की सेवाओं से प्रसन्न होकर अकबर ने उन्हें वर्तमान गुजरात में किस स्थान की जागीर प्रदान की -

📋 पूछा गया: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-B)
Aसूरत
Bअहमदाबाद
Cभड़ौच
Dजूनागढ़

सही उत्तर: जूनागढ़

व्याख्या (Explanation)

अकबर ने रायसिंह को जूनागढ़ (काठियावाड़, गुजरात) का प्रदेश सौंपा था। 1600 ई. में भगवनदास के पुत्र माधोसिंह को हटाकर नागौर का परगना रायसिंह को दिया था।

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स्रोत: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-B)

16

1572 ई. में अकबर ने किसे जोधपुर का प्रशासक नियुक्त किया -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (SWT) Exam 2024
Aराव करणसिंह
Bराव लूणकरण
Cराव रायसिंह
Dराव चन्द्रसेन

सही उत्तर: राव रायसिंह

व्याख्या (Explanation)

जोधपुर के शासक मालदेव ने अपने बड़े पुत्र राम को जोधपुर का शासक न बनाकर झालीरानी स्वरूपदे से विशेष अनुराग के कारण तीसरे पुत्र चंद्रसेन को उत्तराधिकारी बनाया था। 1570 में बादशाह अकबर नागौर आया तब जोधपुर की गद्दी के हकदार राम व उदयसिंह बादशाह के पास गये, चन्द्रसेन भी अपने पुत्र रायसिंह सहित नागौर दरबार में उपस्थित हुआ यहाँ पर अकबर का पक्षपात रवैया देखकर चन्द्रसेन वापस भद्राजुन आ गया उस समय अकबर ने रायसिंह को जोधपुर का प्रशासन सौंपा था, जोधपुर राज्य की ख्यात में अकबर द्वारा रायसिंह को जोधपुर 1572 में दिया जाना लिखा है।

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स्रोत: Junior Instructor (SWT) Exam 2024

17

औरंगजेब के बागी पुत्र अकबर को दुर्गादास राठौड़ किस मराठा सरदार के दरबार में साथ ले गया -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (MMV) Exam 2024
Aशंभाजी
Bशिवाजी
Cपेश्वा बाजी राव
Dसाहूजी

सही उत्तर: शंभाजी

व्याख्या (Explanation)

दुर्गादास राठौड़ ने औरंगजेब के बागी पुत्र अकबर को मराठा सरदार शंभाजी के दरबार में शरण दी थी। जून 1681 में जब विद्रोह अव्यवस्थित हो गया तो दुर्गादास ने अकबर की सहायता की, जिससे उसे हाल ही में स्थापित मराठा राजा संभाजी के दरबार में भागने में मदद मिली।

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स्रोत: Junior Instructor (MMV) Exam 2024

18

बीठू सूजा ने अपने ग्रंथ ‘राव जैतसी रो छन्द’ में किसे ‘कलियुग का कर्ण’ कहा -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (MMV) Exam 2024
Aराव लूणकर्ण
Bराव रायसिंह
Cराव जैतसी
Dराव बीका

सही उत्तर: राव लूणकर्ण

व्याख्या (Explanation)

बीठू सूजा (राव जैतसिंह के दरबारी) द्वारा लिखित ‘जैतसी रो छंद’ में लूणकरण को कलयुग का कर्ण कहा गया है। लूणकरण बीका की रानी रंगकुंवरी (पूगल के राव शेखा की पुत्री) का पुत्र था इसका जन्म 1470 ई. में हुआ, नरा के निस्संतान मरने के कारण लूणकरण को राजा बनाया गया।

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स्रोत: Junior Instructor (MMV) Exam 2024

19

मारवाड़ के शासक चंद्रसेन के संबंध में निम्न में से कौनसा कथन सही नहीं है -

📋 पूछा गया: PTI and Librarian (Sanskrit College Edu.) - 2024 (General Studies of Rajasthan)
Aमालदेव ने अपने तीसरे पुत्र चंद्रसेन को अपने दो ज्येष्ठ पुत्रों राम व उदय सिंह के दावों के विपरीत अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया था।
Bराव चंद्रसेन की मृत्यु शिवपुरी (सिरोही) में हुई थी।
Cउत्तराधिकार के युद्ध में चंद्रसेन ने अपने ज्येष्ठ भाइयों को लोहावट एवं नाडोल में पराजित किया।
Dचंद्रसेन ने भाद्राजून को अपना केंद्र बनाया, जहां से उसने साम्राज्यवादी शक्तियों के विरुद्ध संघर्ष जारी रखा।

सही उत्तर: राव चंद्रसेन की मृत्यु शिवपुरी (सिरोही) में हुई थी।

व्याख्या (Explanation)

राव चंद्रसेन का जन्म 16 जुलाई, 1541 ई. में हुआ। यह मालदेव व झाला रानी स्वरूप दे का पुत्र था। स्वरूप दे ने मालदेव से कहकर चंद्रसेन को मारवाड़ का युवराज बनवाया था। राव मालदेव अपने ज्येष्ठ पुत्र राम से अप्रसन्न था, जबकि उससे छोटे पुत्र उदयसिंह को पटरानी स्वरूपदे (चन्द्रसेन की माँ) ने राज्याधिकार से वंचित करवा दिया। मालदेव की मृत्यु के बाद उसकी इच्छानुसार 31 दिसम्बर 1562 ई. उसका सबसे छोटा बेटा चन्द्रसेन जोधपुर की गद्दी पर बैठा। चन्द्रसेन ने 7 जुलाई 1580 ई. को सोजत पर हमला कर दिया। सोजत पर अधिकार कर उसने सारण के पर्वतों (पाली) में सचियाप नामक स्थान अपना निवास कायम किया। यहीं 11 जनवरी 1581 ई. को उसकी मृत्यु हो गई। यही चंद्रसेन की समाधि बनी हुई है। जोधपुर राज्य की ख्यात के अनुसार चन्द्रसेन के एक सामंत वैरसल ने विश्वासघात कर भोजन में जहर दे दिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। लोहावट का युद्ध : उदयसिंह ने चन्द्रसेन से लोहावट में मुकाबला किया। वहाँ चन्द्रसेन की बरछी का वार उदयसिंह पर हुआ। जिसक फलस्वरूप वह घोड़े से गिर गया उसके साथी उसे किसी तरह घटनास्थल से बचाकर ले गये। इस लड़ाई में उदयसिंह के कई प्रमुख सहयोगी सरदार मारे गये और विजय चन्द्रसेन की रही।

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स्रोत: PTI and Librarian (Sanskrit College Edu.) - 2024 (General Studies of Rajasthan)

20

किस राजपूत शासक की वीरता से प्रभावित होकर औरंगजेब ने उसे ‘महाराजा’ और ‘माही मरातिब’ की उपाधि दी -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (STE) Exam 2024
Aमिर्जा राजा जय सिंह
Bमहाराजा जसवन्त सिंह प्रथम
Cमहाराणा जय सिंह
Dराव अनूप सिंह

सही उत्तर: राव अनूप सिंह

व्याख्या (Explanation)

औरंगजेब की ओर से अनूपसिंह दक्षिण में गोलकुण्डा की लड़ाई में शामिल हुआ इसके अलावा आदूणी और औरंगाबाद में बादशाह की ओर से शासक रहा। औरंगजेब ने अनूपसिंह को ‘माही मरातिब’ की उपाधि दी। माहीमरातिब की उपाधि फारस के बादशाह नौशेरवा के पौत्र खुसरो परवेज ने सर्वप्रथम इसका प्रारम्भ किया था। अनूपसिंह के अतिरिक्त महाराजा गजसिंह व महाराजा रतनसिंह को भी माहीमरातिब की उपाधि मिली थी।

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स्रोत: Junior Instructor (STE) Exam 2024

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