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राठौड़ वंश PYQ in Hindi - पेज 5

इस पेज पर Rajasthan GK के राठौड़ वंश से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 230 प्रश्नों में से यह पेज 5 है।

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मुंशी देवी प्रसाद ने किसे ‘राजपूताने का कर्ण’ कहा -

📋 पूछा गया: Junior Instructor(CLIT) Exam 2024
Aरायसिंह
Bउदयसिंह
Cलूणकरण
Dचन्द्रसेन

सही उत्तर: रायसिंह

व्याख्या (Explanation)

रायसिंह के समय में घोर त्रिकाल पड़ा, जिसमें हजारों व्यक्ति एवं पशु मारे गए। महाराजा ने व्यक्तियों के लिए जगह-जगह ‘सदाव्रत’ खोले एवं पशुओं के लिए चारे-पानी की व्यवस्था की। इसलिए मुंशी देवी प्रसाद ने इसे ‘राजपूताने का कर्ण’ की संज्ञा दी है।

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स्रोत: Junior Instructor(CLIT) Exam 2024

42

सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए : सूची-I शासक सूची-II शासन काल (a) राव बीका (i) 1526 - 1541 AD (b) राव लूणकरण (ii) 1465 - 1540 AD (c) राव जैतसी (iii) 1541 - 1574 AD (d) राव कल्याणमल (iv) 1505 - 1526 AD नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनिए :

📋 पूछा गया: Stenographer Exam 2024 (Paper - I)
A(a) - (ii), (b) - (i), (c) - (iv), (d) - (iii)
B(a) - (i), (b) - (ii), (c) - (iii), (d) - (iv)
C(a) - (ii), (b) - (iv), (c) - (i), (d) - (iii)
D(a) - (iv), (b) - (ii), (c) - (iii), (d) - (i)

सही उत्तर: (a) - (ii), (b) - (iv), (c) - (i), (d) - (iii)

व्याख्या (Explanation)

राव बीका का शासन काल 1465 - 1540 AD था। राव लूणकरण का शासन काल 1505 - 1526 AD था। राव जैतसी का शासन काल 1526 - 1541 AD था। राव कल्याणमल का शासन काल 1541 - 1574 AD था।

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स्रोत: Stenographer Exam 2024 (Paper - I)

43

‘काम प्रबोध’ एवं ‘श्राद्ध प्रयोग चिन्तामणी’ ग्रंथों की रचना किस शासक के काल में हुई -

📋 पूछा गया: Asst. Prof. (Sanskrit College Edu.) - 2024 (Rajasthan Gk)
Aमहाराणा कुंभा
Bमहाराणा राज सिंह
Cसवाई जय सिंह
Dमहाराजा अनूप सिंह

सही उत्तर: महाराजा अनूप सिंह

व्याख्या (Explanation)

अनूपसिंह ने संस्कृत में अनूपविवेक, कामप्रबोध, श्रज्ञाद्धप्रयोग चिन्तामणि ग्रंथ लिखे व गीत गोविंद पर ‘अनुपोदय’ नामक टीका लिखी। अनूपसिंह के समय इसके दरबार में विद्यानाथ सूरी ने ‘ज्योत्पत्तिसार’ ग्रंथ व मणिराम दीक्षित ने अनूपव्यवहारसागर’ ‘अनूपविलास', ‘धर्मशास्त्र ग्रंथ’, अनन्त भट्ट ने तीर्थ ‘रत्नाकर’ ग्रंथ, उदयचन्द्र ने ‘पाण्डित्यदर्पण’ नामक ग्रंथ लिखे।

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स्रोत: Asst. Prof. (Sanskrit College Edu.) - 2024 (Rajasthan Gk)

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बीकानेर के किस शासक को उसकी वीरता से प्रभावित होकर औरंगजेब ने ‘माही मरातिब’ की उपाधि दी थी -

📋 पूछा गया: Rajasthan Police Constable Exam 2024 ( SHIFT - L2)
Aराव दलपत सिंह
Bराव सुर सिंह
Cराव कर्ण सिंह
Dराव अनूप सिंह

सही उत्तर: राव अनूप सिंह

व्याख्या (Explanation)

औरंगजेब की ओर से अनूपसिंह दक्षिण में गोलकुण्डा की लड़ाई में शामिल हुआ इसके अलावा आदूणी और औरंगाबाद में बादशाह की ओर से शासक रहा। औरंगजेब ने अनूपसिंह को ‘माही मरातिब’ की उपाधि दी। माहीमरातिब की उपाधि फारस के बादशाह नौशेरवा के पौत्र खुसरो परवेज ने सर्वप्रथम इसका प्रारम्भ किया था। अनूपसिंह के अतिरिक्त महाराजा गजसिंह व महाराजा रतनसिंह को भी माहीमरातिब की उपाधि मिली थी।

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स्रोत: Rajasthan Police Constable Exam 2024 ( SHIFT - L2)

45

राठौड़ वंश का प्रथम बड़ा शासक कौन था -

Aराव चूडा
Bराव रणमल
Cमोकल
Dराव जोधा

सही उत्तर: राव चूडा

व्याख्या (Explanation)

राव चूँडा बड़ा प्रतापी शासक हुआ। इंदा परिहार ने मण्डौर यवन-मुसलमानों से छीनकर राव चूँडा को दहेज में दे दिया और यह शर्त रखी कि उनके 84 गांव में राठौड़ हस्तक्षेप नहीं करेंगे। राव चूँडा ने मण्डौर को राठौड़ों की राजधानी बनाया। उसने अपने राज्य का विस्तार नाड़ौल, डीड़वाना, नागौर आदि क्षेत्रों तक कर लिया।

46

राजस्थान में राठौड़ वंश का प्रथम शासक था -

Aराव सीहा
Bजोधा
Cबीका
Dकिशनसिंह

सही उत्तर: राव सीहा

व्याख्या (Explanation)

मारवाड़ के राठौड़ वंश की स्थापना 1240ई. में राव सीहा के द्वारा की गई।

47

मारवाड़ के राठौड़ वंश के संस्थापक कौन हैं?

Aराव चुंडा
Bराव सीहा
Cराव मालदेव
Dराव गंगा

सही उत्तर: राव सीहा

व्याख्या (Explanation)

मारवाड़ के राठौड़ वंश की स्थापना 1240ई. में राव सीहा के द्वारा की गई। बीठू गांव (पाली) के ‘देवल अभिलेख’ के अनुसार राव सीहा कुंवर सेतराम का पुत्र था और उसकी सोलंकी वंश की पार्वती नामक रानी थी।

48

मारवाड़ के किस राजा ने मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की?

Aराव जोधा
Bराव बीका
Cराव मालदेव
Dराव चंद्रसेन

सही उत्तर: राव चंद्रसेन

व्याख्या (Explanation)

राव चन्द्रसेन अकबरकालीन राजस्थान का प्रथम स्वतन्त्र प्रकृति का शासक था। इतिहास में समुचित महत्व न मिलने के कारण चन्द्रसेन को ‘मारवाड़ का भूला बिसरा नायक’ कहा जाता है।

49

सामंत प्रथा का वास्तविक संस्थापक किसे माना जाता है -

Aराव रणमल
Bराव जोधा
Cराव गंगा
Dराव मालदेव

सही उत्तर: राव जोधा

व्याख्या (Explanation)

राव जोधा (1438 - 1489) को सामंत प्रथा का वास्तविक संस्थापक माना जाता है। राव जोधा ने 1453 में मंडोर पर अधिकार किया। राव जोधा को राठौड़ों का प्रथम शक्तिशाली राजा माना जाता है। राव चूडा को राठौड़ वंश का वास्तविक संस्थापक कहा जाता है।

50

जांगलधर बादशाह कहां के शासक कहलाते थे -

Aउदयपुर
Bजोधपुर
Cबीकानेर
Dअजमेर

सही उत्तर: बीकानेर

व्याख्या (Explanation)

बीकानेर का पुराना नाम ‘जांगलदेश’ था। इसके उत्तर में कुरू व मद्र देश थे इसलिए महाभारत में इस क्षेत्र का नाम कुरू और मद्र के साथ जुड़ा हुआ मिलता है। जैसे- कुरूजांगला, माद्रेजांगला आदि। बीकानेर में राठौड वंश का शासन था, बीकानेर के राजा जांगलदेश के स्वामी थे इसलिए इन्हें ‘जांगलधर बादशाह’ कहते है और बीकानेर के राज्य चिह्न में जयजांगलधर बादशाह लिखा हुआ है।

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