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राठौड़ वंश PYQ in Hindi - पेज 4

इस पेज पर Rajasthan GK के राठौड़ वंश से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 230 प्रश्नों में से यह पेज 4 है।

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राठौड़ वंश की उत्पत्ति के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा मत नैणसी, जोधपुर राज्य की ख्यात, पृथ्वीराज रासो, कर्नल टॉड और दयालदास री ख्यात द्वारा समर्थित है -

Aराठौड़ हिरण्यकश्यप की संतान थे।
Bराठौड़ कन्नौज के गहड़वाल जयचंद के पौत्र सीहा द्वारा 13वीं सदी में स्थापित हुए।
Cराठौड़ बदायूं के चन्द्रवंशी राठौड़ों की शाखा से उत्पन्न हुए।
Dराठौड़ शिव के शीश पर स्थित चंद्रमा से उत्पन्न हुए।

सही उत्तर: राठौड़ कन्नौज के गहड़वाल जयचंद के पौत्र सीहा द्वारा 13वीं सदी में स्थापित हुए।

व्याख्या (Explanation)

नैणसी के अनुसार मुहम्मद गौरी ने 1194 ई. में चन्दावर के युद्ध में कन्नौज के जयचन्द गहड़वाल को समाप्त कर दिया तब कुछ वर्षों बाद जयचन्द के पौत्र सीहा ने पाली के आसपास 13वीं सदी में मारवाड़ के राठौड़ वंश की स्थापना की। इस मत का समर्थन ‘जोधपुर राज्य की ख्यात’, ‘पृथ्वीराज रासो’, ‘कर्नल टॉड’ एवं ‘दयालदास री ख्यात’ करते हैं।

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राजस्थान में किसे बहादुरी, आत्म सम्मान और बलिदान के प्रतीक के रूप में याद किया जाता है - निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:

📋 पूछा गया: Animal Attendant 2023 Exam (December 1 Shift I)
Aमहाराजा गज सिंह
Bराणा सांगा
Cविजय सिंह राठौड़
Dअमर सिंह राठौड़

सही उत्तर: अमर सिंह राठौड़

व्याख्या (Explanation)

अमर सिंह राठौड़ (नागौर) अपनी वीरता और बलिदान के लिए लोककथाओं में प्रसिद्ध हैं। जोधपुर के राजा गजसिंह ने अपने बड़े पुत्र अमरसिंह को उसकी स्वतंत्र एवं विद्रोही प्रवृत्ति से नाराज होकर राज्य से निकाल दिया था। इस पर शाहजहाँ ने अमरसिंह को नागौर परगने का स्वतंत्र राजा बना दिया।

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स्रोत: Animal Attendant 2023 Exam (December 1 Shift I)

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‘राव-जैतसी-रो-छन्द’ के अनुसार, बीकानेर के शासक राव जैतसी ने निम्न में से किसे परास्त किया था -

📋 पूछा गया: Raj. State and Sub. Services Comb. Comp. (Pre) Exam - 2024
Aहुमायूँ
Bकामरान
Cशेरशाह
Dअकबर

सही उत्तर: कामरान

व्याख्या (Explanation)

राव जैतसी (बीकानेर के शासक, 1526-1542) ने कामरान (हुमायूँ के भाई) को परास्त किया था, जैसा कि राव-जैतसी-रो-छंद में वर्णित है। भटनेर से कामरान की फौज बीकानेर की ओर रवाना हुई, जैतसिंह बड़ी सेना का सामना करना उचित न समझ कर दूर हट गया, भोजराज रूपावत बीकानेर के पुराने गढ़ की रक्षा करते हुए मारे गए, गढ़ पर मुगलों का अधिकार हो गया, जैतसिंह ने एक सेना तैयार करके 26 अक्टुबर 1534 को रात्रि के समय मुगलों पर आक्रमण कर दिया, राठौड़ों के इस आक्रमण को मुगल सेना सहन नहीं कर पाई और लाहौर की ओर भाग गई।

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स्रोत: Raj. State and Sub. Services Comb. Comp. (Pre) Exam - 2024

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मारवाड़ के राव चूण्डा के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए एवं निम्नांकित में से सही विकल्प का चयन कीजिए : A. राव चूण्डा को मण्डोर दहेज में प्राप्त हुआ। B. राव चूण्डा की मृत्यु के तुरंत पश्चात् राव रणमल राजगद्दी पर आसीन हुआ।

📋 पूछा गया: Raj. State and Sub. Services Comb. Comp. (Pre) Exam - 2024
Aकेवल A सत्य है।
Bकेवल B सत्य है।
CA और B दोनों सत्य हैं।
DA और B दोनों असत्य हैं।

सही उत्तर: केवल A सत्य है।

व्याख्या (Explanation)

इंदा परिहार ने मण्डौर यवन-मुसलमानों से छीनकर राव चूँडा को दहेज में दे दिया और यह शर्त रखी कि उनके 84 गांव में राठौड़ हस्तक्षेप नहीं करेंगे। एक प्रकार से राव चूड़ा को अपना सामंत बनाया। इस प्रकार मारवाड़ में सामंत प्रथा का संस्थापक राव चूड़ा को मना जाता है। राव चूड़ा ने अपनी रानी किशोरी देवी (चौहान शासक राव मेघराज की पुत्री) के पुत्र कान्हा को उत्तराधिकारी घोषित कर दिया। किन्तु किशोरी देवी के पुत्र कान्हा ने मात्र 11 माह का राज्य किया और मृत्यु को प्राप्त हो गया। चूँडा का ज्येष्ठ पुत्र होते हुए भी रणमल को कान्हा के पक्ष में अपना राज्याधिकार छोड़ना पड़ा था।

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स्रोत: Raj. State and Sub. Services Comb. Comp. (Pre) Exam - 2024

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1715 ई. में मारवाड़ के अजीत सिंह ने अपनी पुत्री इन्द्रकंवरी का विवाह किस मुगल सम्राट से किया -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (MDE) Exam 2024
Aफर्रूखसियार
Bशाह आलम-I
Cआलमगीर-II
Dजहांदार शाह

सही उत्तर: फर्रूखसियार

व्याख्या (Explanation)

राठौड़ों ने हुसैन अ्लीखाँ की शर्तों के अनुसार सन्धि (1715 ई.) कर ली, जिसमें अजीत ने अपनी लड़की का विवाह बादशाह के साथ करना स्वीकार किया और अपने लड़के अभयसिंह को बादशाह की सेवा में भेजा। उन्हें विवश होकर अपनी पुत्री इन्द्रकुँवरी का विवाह मुगल बादशाह फर्रूखशियर से करना पड़ा किंतु अवसर पाकर उन्होंने फर्रूखशियर की हत्या में प्रमुख भूमिका निभाई और अपनी पुत्री को विधवा करके जोधपुर ले आये। उन्होंने इन्द्रकुंवरी का फिर से हिन्दूधर्म में शुद्धिकरण किया और उसका विवाह एक क्षत्रिय युवक से कर दिया। यह अंतिम मुगल-मारवाड़ विवाह माना जाता है।

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स्रोत: Junior Instructor (MDE) Exam 2024

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कॉलम I में राजवंश का कॉलम II में संस्थापक के साथ मिलान करें। कॉलम I (राजवंश) कॉलम II (संस्थापक) 1. राठौड़ a. चूडामन 2. चौहान b. दुलह राय 3. जाट c. वासुदेव 4. कच्छवाहा d. सिहा

📋 पूछा गया: Junior Instructor (Fitter) Exam 2024
A1-a, 2-b, 3-c, 4-d
B1-d, 2-c, 3-a, 4-b
C1-c, 2-d, 3-b, 4-a
D1-b, 2-a, 3-d, 4-c

सही उत्तर: 1-d, 2-c, 3-a, 4-b

व्याख्या (Explanation)

राठौड़ – सिहा चौहान – वासुदेव जाट – चूड़ामन कच्छवाहा – दूल्हा राय

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स्रोत: Junior Instructor (Fitter) Exam 2024

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अकबर ने चन्द्रसेन के दमन हेतु किसे जोधपुर का प्रशासक नियुक्त किया -

📋 पूछा गया: Junior Instructor ((ESR) Exam 2024
Aउदयसिंह
Bरायसिंह
Cराजा मानसिंह
Dशहजादा सलीम

सही उत्तर: रायसिंह

व्याख्या (Explanation)

मारवाड़ की राजनीतिक स्थिति ‘नागौर दरबार’ के बाद स्पष्ट थी। अकबर ने बीकानेर के रायसिंह को जोधपुर का अधिकारी नियुक्त कर महाराणा कीका को मारवाड़ से सहायता मिलने या इस मार्ग से गुजरात में हानि पहुँचाने की सम्भावना समाप्त कर दी।

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स्रोत: Junior Instructor ((ESR) Exam 2024

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जोधपुर के राठौड़ वंश का मूल संस्थापक कौन था -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (ED) Exam 2024
Aबप्पा
Bसीहा
Cचूण्डा
Dगाँगा

सही उत्तर: सीहा

व्याख्या (Explanation)

मारवाड़ के राठौड़ वंश की स्थापना 1240 ई. में राव सीहा के द्वारा की गई। बीठू गांव (पाली) के ‘देवल अभिलेख’ के अनुसार राव सीहा कुंवर सेतराम का पुत्र था और उसकी सोलंकी वंश की पार्वती नामक रानी थी। राव सीहा की मृत्यु 1273 ई. में तब हुई जब वह मुसलमानों के विरुद्ध पाली प्रदेश की रक्षा कर रहा था। इस इस युद्ध को लाख झंवर या लाखा झंवर के नाम से भी जाना जाता है।

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स्रोत: Junior Instructor (ED) Exam 2024

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1587 ई. में मोटा राजा उदयसिंह ने अपनी पुत्री का विवाह किस मुगल राजकुमार के साथ किया था -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (ED) Exam 2024
Aअकबर
Bजहाँगीर
Cदानियाल
Dमुराद

सही उत्तर: जहाँगीर

व्याख्या (Explanation)

राव चंद्रसेन की मृत्यु के बाद जोधपुर राज्य (1581-1583 ई.) तीन वर्ष तक खालसा रहा। तीन वर्ष बाद अकबर द्वारा उदयसिंह को मारवाड़ राज्य का अधिकार खिलअत और खिताब सहित 1583 ई. में दे दिया। इस प्रकार मोटाराजा उदयसिंह मारवाड़ का प्रथम शासक था जिसने मुगलों की अधीनता स्वीकार की और मुगल राज्य की कृपा प्राप्त की थी। मोटाराजा उदयसिंह न 1587 ई. में अपनी पुत्री ‘मानबाई’ का विवाह शहजाद सलीम (जहांगीर) के साथ किया।

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स्रोत: Junior Instructor (ED) Exam 2024

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बीकानेर के शासक अनूपसिंह को औरंगजेब ने कौन-सी उपाधि प्रदान की -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (EC) Exam 2024
Aमाही रखब
Bमाही मरातव
Cमाही विजेता
Dब्रत सराव

सही उत्तर: माही मरातव

व्याख्या (Explanation)

औरंगजेब की ओर से अनूपसिंह दक्षिण में गोलकुण्डा की लड़ाई में शामिल हुआ इसके अलावा आदूणी और औरंगाबाद में बादशाह की ओर से शासक रहा। औरंगजेब ने अनूपसिंह को ‘माही मरातिब’ की उपाधि दी। माहीमरातिब की उपाधि फारस के बादशाह नौशेरवा के पौत्र खुसरो परवेज ने सर्वप्रथम इसका प्रारम्भ किया था। अनूपसिंह के अतिरिक्त महाराजा गजसिंह व महाराजा रतनसिंह को भी माहीमरातिब की उपाधि मिली थी।

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स्रोत: Junior Instructor (EC) Exam 2024

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