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RPSC & RSMSSB PYQ Practice

राठौड़ वंश PYQ in Hindi - पेज 3

इस पेज पर Rajasthan GK के राठौड़ वंश से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 230 प्रश्नों में से यह पेज 3 है।

21

राव बीका ने बीकानेर की स्थापना किस वर्ष में की थी -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (ICTSM) Exam 2024
A1465 ई.
B1482 ई.
C1488 ई.
D1492 ई.

सही उत्तर: 1488 ई.

व्याख्या (Explanation)

राव बीका ने 1488 में बीकानेर रियासत की स्थापना की। जैसलमेर के भाटी राव शेखा से बीका का विवाद बढ़ गया भाटियों के साथ युद्ध हुआ, युद्ध में भाटियों की हार हुई लेकिन बीका को भाटियों से युद्ध की आशंका हमेशा थी। इस कारण भाटियों की परेशानी को देखकर बीका ने अन्य स्थान पर दुर्ग की योजना बनायी। 1485 में रातीघाटी स्थान पर गढ़ की नींव रखी और 12 अप्रैल 1488 आखा तीज पर गढ़ के आस-पास अपने नाम पर बीकानेर नगर बसाया, आखा तीज को बीकानेर दिवस के रूप में मनाया जाता है।

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स्रोत: Junior Instructor (ICTSM) Exam 2024

22

मारवाड़ की कौन-सी रानी “रूठी रानी” के नाम से विख्यात है -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (ICTSM) Exam 2024
Aउमादे
Bरूपादे
Cपदमिनी
Dकर्णवती

सही उत्तर: उमादे

व्याख्या (Explanation)

1536 ई. में राव मालदेव का विवाह जैसलमेर के लूणकरण की कन्या उम्मादे से हुआ। किसी कारणवश लूणकरण ने मालदेव को मारने का इरादा किया तो लूणकरण की रानी ने पुरोहित राघवदेव द्वारा यह सूचना मालदेव को भिजवा दी। संभवतः इसी कारण से मालदेव उम्मादे से अप्रसन्न हो गया और वह भी मालदेव से रूठ गई। तभी से वह ‘रूठी रानी’ कहलाई तथा उसे अजमेर के तारागढ़ में रखा गया। जब शेरशाह के अजमेर पर आक्रमण की शंका हुई तो ईश्वरदास के माध्यम से उसे जोधपुर जाने को राजी किया गया परन्तु जोधपुर रानियों के रूखे व्यवहार की जानकारी मिलने के कारण वह गूँरोज चली गई। जब मालदेव का देहान्त हुआ तो वह सती हुई।

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स्रोत: Junior Instructor (ICTSM) Exam 2024

23

निम्नलिखित में से मारवाड़ का कौन सा दुर्ग 1562 ईस्वी के प्रारंभ में अकबर के आधिपत्य में चला गया -

📋 पूछा गया: AGRICULTURE OFFICER (AGRI. DEPTT.) COMP. EXAM - 2024
Aसिवाना
Bभाद्राजून
Cमेहरानगढ़
Dमेड़ता

सही उत्तर: मेड़ता

व्याख्या (Explanation)

1562 ईस्वी में मेड़ता दुर्ग (मारवाड़ क्षेत्र में) अकबर के आधिपत्य में चला गया था। राव मालदेव ने 1562 में, मेड़ता और अजमेर को सम्राट अकबर के हाथों खो दिया।

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स्रोत: AGRICULTURE OFFICER (AGRI. DEPTT.) COMP. EXAM - 2024

24

मारवाड़ के किस शासक ने 1658 ई. में औरंगजेब के विरुद्ध धरमत के युद्ध में दारा शिकोह का साथ दिया -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (COPA) Exam 2024
Aराव सूरसिंह
Bमहाराजा गजसिंह
Cमहाराजा जसवंतसिंह I
Dमहाराजा अजीतसिंह

सही उत्तर: महाराजा जसवंतसिंह I

व्याख्या (Explanation)

धरमत का युद्ध (1658 ई.) : मुगल सम्राट शाहजहाँ के चारों पुत्रों (दाराशिकोह, शाहशुजा, औरंगजेब और मुराद) के मध्य उत्तराधिकार को लेकर 1658 व 1659 ई. में कई युद्ध लड़े गए। इनमें धरमत (उज्जैन, मध्य प्रदेश) का युद्ध बड़ा प्रसिद्ध रहा। जसवंतसिंह व अन्य अनेक राजपूत शासक शाही सेना की ओर से दाराशिकोह के पक्ष में तथा औरंगजेब के विपक्ष में लड़े। लेकिन कासिम खान ने धोखा दिया जिससे शाही खेमे की हार हुई। कहा जाता है कि पराजित महाराजा जसवंतसिंह धरमत के युद्ध स्थल से लौटकर 4 दिन बाद 19 अप्रैल, 1658 ई. को जोधपुर पहुँचा।

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स्रोत: Junior Instructor (COPA) Exam 2024

25

किस बीकानेर नरेश ने 1570 ई. में नागौर दरबार में अकबर की अधीनता स्वीकार करी -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (Wireman) Exam 2024
Aराव चन्द्रसेन
Bराव रायसिंह
Cराव कल्याणमल
Dराव अमरसिंह

सही उत्तर: राव कल्याणमल

व्याख्या (Explanation)

सितम्बर 1570 में अकबर ख्वाजा साहब की जियारत के लिए अजमेर की ओर रवाना हुआ, 12 दिन फतेहपुर में रुककर अजमेर में पहुँचा इसके बाद वह नवम्बर में नागौर आया, यहाँ ‘शुक्र तालाब’ बनवाया। जब अकबर नागौर में रुका हुआ था, राजस्थान के कई राजा यहाँ पहुँचे व बीकानेर का कल्याणमल अपने पुत्र रायसिंह के साथ नागौर पहुँचा व अधीनता स्वीकार की, कल्याणमल बीकानेर का प्रथम शासक है जिसने मुगलों की अधीनता स्वीकार की।

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स्रोत: Junior Instructor (Wireman) Exam 2024

26

सूंची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिये और नीचे दिए गए कूट का उपयोग करते हुए सही उत्तर का चयन कीजिए - सूची-I (शासक) सूची-II (वंश) (अ) बाउक (i) प्रतिहार (ब) राव सीहा (ii) राठौड़ (स) बप्पा (iii) गुहिल (द) वासुदेव (iv) चौहान कूट -

📋 पूछा गया: RPSC EO/RO Re-Exam - 2022
A(अ)-(ii), (ब)-(i), (स)-(iii), (द)-(iv)
B(अ)-(i), (ब)-(ii), (स)-(iii), (द)-(iv)
C(अं)-(iv), (बं)-(iii), (स)-(ii), (द)-(i)
D(अ)-(iii), (ब)-(i), (स)-(iv), (द)-(ii)

सही उत्तर: (अ)-(i), (ब)-(ii), (स)-(iii), (द)-(iv)

व्याख्या (Explanation)

बाउक: प्रतिहार वंश का शासक था। राव सीहा: राठौड़ वंश का संस्थापक, मारवाड़ से संबंधित। बप्पा: गुहिल वंश का संस्थापक, मेवाड़ से संबंधित। वासुदेव: चौहान वंश का प्रारंभिक शासक।

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स्रोत: RPSC EO/RO Re-Exam - 2022

27

राव मालदेव के शासनकाल के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है -

Aराव मालदेव ने भाद्राजूण, नागौर, मेड़ता, अजमेर, सिवाणा और जालोर पर अधिकार किया।
Bराव मालदेव ने 1544 ई. में गिरि-सुमेल के युद्ध में शेरशाह सूरी को पराजित कर जोधपुर पर अपनी सत्ता बनाए रखी।
Cराव मालदेव ने हुमायूँ को सहायता की पेशकश की, लेकिन शेरशाह के दबाव में सहयोग नहीं दिया।
Dराव मालदेव ने मेवाड़ के उदयसिंह की सहायता कर बनवीर को हटाया और उन्हें चित्तौड़ की गद्दी पर बिठाया।

सही उत्तर: राव मालदेव ने 1544 ई. में गिरि-सुमेल के युद्ध में शेरशाह सूरी को पराजित कर जोधपुर पर अपनी सत्ता बनाए रखी।

व्याख्या (Explanation)

गिरि-सुमेल युद्ध (1544 ई.) में शेरशाह सूरी की विजय हुई, न कि मालदेव की। मालदेव की सेना पीछे हट गई, और शेरशाह ने जोधपुर पर अधिकार कर लिया। जोधपुर राज्य की ख्यात में लिखा है कि 1532 ई. में राव मालदेव ने जैता, कूँपा आदि सरदारों को मेवाड़ के उदयसिंह की सहायतार्थ भेजा, जिसके फलस्वरूप बनवीर को निकाला गया और उदयसिंह को चित्तौड़ के सिंहासन पर बिठाया।

28

राव सातल के शासनकाल के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है -

Aराव सातल ने अजमेर के हाकिम मल्लूखाँ को पराजित कर अपने भाई वरसिंह को मुक्त करवाया और सातलमेर बसाया।
Bराव सातल ने पीपाड़ के युद्ध में मल्लूखाँ को हराया, जिसके बाद जोधपुर में घुड़ला त्योहार बंद हो गया।
Cराव सातल की मृत्यु 1492 ई. में कोसाणे के युद्ध में हुई, जिसके बाद मारवाड़ में गौरी और ईश्वर दोनों की पूजा शुरू हुई।
Dराव सातल ने बीकानेर के राव बीका के साथ मिलकर मल्लूखाँ को पराजित किया और जोधपुर पर अधिकार किया।

सही उत्तर: राव सातल ने अजमेर के हाकिम मल्लूखाँ को पराजित कर अपने भाई वरसिंह को मुक्त करवाया और सातलमेर बसाया।

व्याख्या (Explanation)

राव सातल ने मल्लूखाँ को हराकर वरसिंह को मुक्त करवाया और सातलमेर बसाया। सातल देव ने घूड़ला को मार दिया व कन्याओं को मुक्त करवाया। इसी विजय के उपलक्ष में जोधपुर में घुड़ला त्यौहार मनाया जाता है। घुड़ला त्योहार शुरू हुआ, बंद नहीं; सातल की मृत्यु युद्ध के बाद घावों से हुई, युद्ध में राव सातल बहुत अधिक घायल हुआ। 13 मार्च, 1492 ई. में उसकी मृत्यु हो गयी। उस दिन चैत्र शुक्ल तृतीया की तिथि थी। पहले मारवाड़ में इस दिन गौरी व ईश्वर (ईसर) दोनों की पूजा की जाती थी, परन्तु राव सातल का देहांत होने के बाद इस दिन केवल गौरी की पूजा ही की जाने लगी। बीका ने जोधपुर पर आक्रमण किया, न कि सातल के साथ मिलकर। सूजा के राजगद्दी पर बैठने के बाद बीका ने पडिहार बेला को पूजनीय चीजें लाने भेजा लेकिन सूजा ने मना कर दिया। इस पर बीका ने जोधपुर पर आक्रमण कर दिया और बीका ने जोधपुर को घेर लिया।

29

राव जोधा के शासनकाल के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सी बात सही नहीं है -

Aराव जोधा ने 1459 ई. में जोधपुर को अपनी नई राजधानी बनाया और मेहरानगढ़ दुर्ग का निर्माण करवाया।
Bराव जोधा ने मेवाड़ से संधि के लिए अपनी पुत्री श्रृंगार देवी का विवाह महाराणा कुंभा के पुत्र रायमल से किया।
Cराव जोधा को मारवाड़ में सामंत प्रथा का वास्तविक संस्थापक कहा जाता है।
Dराव जोधा ने अपने ज्येष्ठ पुत्र नींबा को उत्तराधिकारी घोषित किया, जो उनके जीवनकाल में ही मृत्यु को प्राप्त हुआ।

सही उत्तर: राव जोधा ने अपने ज्येष्ठ पुत्र नींबा को उत्तराधिकारी घोषित किया, जो उनके जीवनकाल में ही मृत्यु को प्राप्त हुआ।

व्याख्या (Explanation)

नींबा की मृत्यु जोधा के जीवनकाल में हुई, लेकिन यह नहीं कहा गया कि उसे उत्तराधिकारी घोषित किया गया था। राव जोधा ने रानी जसमादे हाड़ी के प्रभाव में आकर राव सातलदेव को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया।

30

राव चूँडा के शासनकाल के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है -

Aराव चूँडा ने मण्डौर को राठौड़ों की राजधानी बनाया और नाड़ौल, डीड़वाना, नागौर तक राज्य विस्तार किया।
Bराव चूँडा ने अपनी पुत्री हंसाबाई का विवाह मेवाड़ के राणा लाखा से किया।
Cइंदा परिहार ने मण्डौर को यवनों से छीनकर राव चूँडा को दहेज में दिया और उसे अपना सामंत बनाया।
Dराव चूँडा ने अपनी रानी किशोरी देवी के पुत्र सत्ता जी को उत्तराधिकारी घोषित किया, जो अंधा था।

सही उत्तर: राव चूँडा ने अपनी रानी किशोरी देवी के पुत्र सत्ता जी को उत्तराधिकारी घोषित किया, जो अंधा था।

व्याख्या (Explanation)

राव चूँडा ने किशोरी देवी के पुत्र कान्हा को उत्तराधिकारी बनाया, जो 11 माह तक शासक रहा। सत्ता जी को चूँडा की मृत्यु के बाद उनके अन्य पुत्रों ने शासक बनाया, और वह अंधा था। यह कथन चूँडा के निर्णय से संबंधित नहीं है।

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