बीकानेर शासक गंगासिंह ने ऊँटों की सेना तैयार कर उसे क्या नाम दिया था, यह सेना दल अपने राज्य से बाहर अंग्रेजों की सहायतार्थ जाता रहता था -
सही उत्तर: गंगा रिसाला
व्याख्या (Explanation)
गंगा सिंह ने 1889 में गंगा रिसाला नामक फौज का गठन किया था।
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान की मध्यकालीन प्रशासनिक व्यवस्था से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 59 प्रश्नों में से यह पेज 2 है।
बीकानेर शासक गंगासिंह ने ऊँटों की सेना तैयार कर उसे क्या नाम दिया था, यह सेना दल अपने राज्य से बाहर अंग्रेजों की सहायतार्थ जाता रहता था -
सही उत्तर: गंगा रिसाला
व्याख्या (Explanation)
गंगा सिंह ने 1889 में गंगा रिसाला नामक फौज का गठन किया था।
सुमेलित कीजिए- (A) ठकुराईन द्वारा नया चूड़ा पहनने पर किसानों से वसूला जाने वाला कर (i) पावणा लाग (B) खेती पर किसानों से प्रति हल वसूल की जाने वाली लाग (ii) चूड़ालाग (C) जागीरदार द्वारा अपने महमानों पर होने वाले खर्च को गाँव के किसानों से वसूलना (iii) जाजम लाग (D) भूमि के विक्रय पर वसूली जाने वाली लाग (iv) हल लाग कूट - A B C D
सही उत्तर: ii iv i iii
व्याख्या (Explanation)
ठकुराईन द्वारा नया चूड़ा पहनने पर किसानों से वसूला जाने वाला कर - चूड़ालाग खेती पर किसानों से प्रति हल वसूल की जाने वाली लाग - हल लाग जागीरदार द्वारा अपने महमानों पर होने वाले खर्च को गाँव के किसानों से वसूलना - पावणा लाग भूमि के विक्रय पर वसूली जाने वाली लाग - जाजम लाग
किसके द्वारा परगने की रिपोर्ट राज्य के दीवान के पास भेजी जाती थी।
सही उत्तर: खुफिया नवीस
व्याख्या (Explanation)
खुफिया-नवीस : यह गुप्त पत्र-लेखक होते थे। जो गुप्त रूप से केन्द्र को महत्त्वपूर्ण खबरें उपलब्ध कराते थे।
अधिकारियों के खाने-पीने के खर्च के लिए कौनसा कर लिया जाता था -
सही उत्तर: सिराणा
व्याख्या (Explanation)
अधिकारियों के भोजन के लिए गाँव वालों से वसूला जाने वाला कर ‘सिराणा’ कहलाता था।
राजा द्वारा ब्राह्मणों, चारणों, भाटों, व संन्यासियों को दान में दी गई भूमि क्या कहलाती थी -
सही उत्तर: माफी
व्याख्या (Explanation)
सासण जगीर- धर्मार्थ, शिक्षण कार्य, साहित्य लेखन कार्य चारण व भाट आदि को अनुदान स्वरूप दी जाती यह माफी जागीर भी कहलाती थी क्योंकि यह कर मुक्त जागीर होती थी।
भू-राजस्व में राज्य का भाग निश्चित करने वाला अधिकारी किस नाम से जाना जाता था -
सही उत्तर: साहणे
व्याख्या (Explanation)
साहणे भू-राजस्व में राज्य का भाग निश्चित करने वाला अधिकारी था।
बंटाई प्रथा में राजस्व का निर्धारण तीन प्रकार से होता था, उन तीनों प्रकारों के नाम बताइए -
सही उत्तर: खेत बंटाई, लंक बंटाई, रास बंटाई
व्याख्या (Explanation)
तीन प्रकार की बंटाई होती थी - (1.) खेत बटाई, (2.) लंक बटाई एवं (3.) रास बटाई
मारवाड़ में अजीतसिंह द्वारा कौनसा एक नया कर लिया जाने लगा था -
सही उत्तर: तागीरात
व्याख्या (Explanation)
महाराजा अजित सिंह के जोधपुर पर अधिकार कर लेने पर यह रकम तागीरात के नाम से उपर्युक्त हुक्मनामे के साथ ही वसूल की जाने लगी।
बीकानेर राज्य में सीमा शुल्क, आयात-निर्यात तथा चुंगी कर को सामूहिक रूप से किस नाम से जाना जाता था -
सही उत्तर: जकात
व्याख्या (Explanation)
जयपुर तथा जोधपुर राज्यों में इसे ‘सायर’ कर कहा जाता था।
हवाला, जागीर, भौम, सासण किसके प्रकार है -
सही उत्तर: भूमि
व्याख्या (Explanation)
जागीर भूमि यह चार प्रकार की थी। (1) सामन्त जागीर (2) हुकूमत जागीर (3) भौम की जागीर (4) सासण जागीर