परगने में कोई बड़ा अपराध या संगीन डकैती होने पर फौजदार और कभी-कभी ठाकुर स्वयं सवारों के साथ डाकुओं के विरूद्ध अभियान पर जाते थे। इस अभियान को मारवाड़ में क्या कहते थे -
सही उत्तर: बाहर चढ़ना
व्याख्या (Explanation)
ठिकानेदार व भोम बाब दोनों अपने क्षेत्रों में डकैती व अन्य जुर्म को रोकने का कार्य तथा यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी निभाते थे। संगीन डकैती पड़ने पर फौजदार और कभी-कभी ठाकुर स्वयं सवारों के साथ डाकुओं के विरुद्ध अभियान में जाते थे। जोधपुर राज्य में इसे “बाहर चढ़ना” कहते थे।