राजस्थान के प्रत्येक राज्य में महकमा बकायत (Mahakma Bagoit) होता था, जो -
सही उत्तर: अच्छी फसल के समय शेष राजस्व वसूलता था।
व्याख्या (Explanation)
महकमा बकायत अच्छी फसल के समय शेष राजस्व वसूलता था।
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान की मध्यकालीन प्रशासनिक व्यवस्था से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 59 प्रश्नों में से यह पेज 5 है।
राजस्थान के प्रत्येक राज्य में महकमा बकायत (Mahakma Bagoit) होता था, जो -
सही उत्तर: अच्छी फसल के समय शेष राजस्व वसूलता था।
व्याख्या (Explanation)
महकमा बकायत अच्छी फसल के समय शेष राजस्व वसूलता था।
लाटा अथवा बटाई क्या था -
सही उत्तर: भू-राजस्व व्यवस्था, जिसमें भुगतान फसल के रूप में होता था।
व्याख्या (Explanation)
लाटा या बटाई विधि में फसल कटने योग्य होने पर लगान वसूली के लिये नियुक्त अधिकारी की देखरेख में फसल की कटाई की जाती थी। धान साफ होने के बाद फसल में से राजस्व के लिये दिये जाने वाला भाग तोल कर अलग कर दिया जाता।
मध्यकालीन मारवाड़ में शासक के बाद सर्वोच्च अधिकारी कौन था -
सही उत्तर: प्रधान
व्याख्या (Explanation)
राजा के बाद प्रधान प्रमुख होता था तथा राजा की अनुपस्थिति में राजकार्य देखता था।
स्रोत: Protection Officer - 2022 (General Studies)
‘जागीर’ शब्द किस भाषा से लिया गया है -
सही उत्तर: फारसी
व्याख्या (Explanation)
जागीर एक फ़ारसी शब्द है, और इसका अर्थ है “स्थान धारक”।
स्रोत: Forest Guard Exam 2022 (11 DEC 2022) (evening shift)
मारवाड़ राज्य में किस प्रकार के सामंतों को रेख, हुक्मनामा और चाकरी से 3 पीढ़ियों के लिए मुक्त किया जाता था -
सही उत्तर: राजवी
व्याख्या (Explanation)
मारवाड़ में चार प्रकार की श्रेणियाँ थी – राजवी, सरदार, गनायत ओर मुत्सद्दी। राजवी राजा के तीन पीढियों तक के निकट सम्बन्धी होते थे, उन्हें रेख, हुक्मनामा कर और चाकरी से मुक्त रखा जाता था।
स्रोत: Forest Guard Exam 2022 (11 DEC 2022) (morning shift)
राजस्थान के प्रारंभिक मध्यकाल के राज्यों में ‘अक्षपटलिक’ की जिम्मेदारी थी-
सही उत्तर: मुख्य लेखाधिकारी के रूप में काम करना।
व्याख्या (Explanation)
राजस्थान के प्रारंभिक मध्ययुगीन राज्यों में “अक्षपतालिक” का उत्तरदायित्व मुख्य लेखा अधिकारी के रूप में काम करना था।
राजस्थान के राजवंशों के राजस्व प्रणाली के अंतर्गत किस प्रकार की भूमि को राजा की निजी सम्पत्ति माना जाता था -
सही उत्तर: खालसा
व्याख्या (Explanation)
राज्य (दरबार) के प्रत्यक्ष प्रबंधन के तहत आने वाली भूमि को खालसा के नाम से जाना जाता था।
स्रोत: JEN 2022: Civil Diploma (GK)
राजस्थान की प्राचीन रियासत के संदर्भ में कांसा परोसा क्या था -
सही उत्तर: एक प्रकार की लाग (कर)
व्याख्या (Explanation)
कांसा परोसा राजस्थान के प्राचीन राज्य के संदर्भ में एक प्रकार का कर है। इस प्रकार के कर को सामाजिक कर के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है। विवाह और मृत्यु भोज के अवसर पर किसानों से कांसा परोसा वसूल किया जाता था।
स्रोत: Rajasthan Patwar 2021 (24 Oct 2021 ) 1st shift
डावी और जीवनी सामन्तों की श्रेणी राजस्थान में कहाँ प्रचलित थी -
सही उत्तर: जैसलमेर
व्याख्या (Explanation)
जैसलमेर में सामन्तों की डेवी और जीवनी की श्रेणी लोकप्रिय थी।
राजस्थान की एकमात्र कौनसी रियासत थी जहां उत्तराधिकारी शुल्क नहीं लिया जाता था -
सही उत्तर: जैसलमेर
व्याख्या (Explanation)
सामन्त व जागीरदार की मृत्यु के बाद उक्त जागीर के नये उत्तराधिकारी से यह कर वसूल किया जाता था। अलग अलग रियासतों में उत्तराधिकारी कर का नाम अलग था, जोधपुर में पहले पेशकशी और बाद में हुक्मनामा कहलाया, मेवाड़ और जयपुर में नजराना, कुछ अन्य रियासतों में कैद खालसा और तलवार बंधाई कहलाते थे। जैसलमेर एकमात्र ऐसी रियासत थी जहाँ उत्तराधिकारी शुल्क नहीं लिया जाता था।