न्याय व्यवस्था के बारे में विचार करें - (i) न्याय और दण्ड का आधार प्राचीन धर्मशास्त्र थे। (ii) प्राचीन साहित्यिक स्त्रोतों ‘वृहत्कथा कोष व समराइच्छकहा’ से भी न्याय व्यवस्था का वर्णन मिलता है। (iii) शासन की सबसे छोटी इकाई गाँव था, जहाँ न्याय का अधिकारी ग्राम चौधरी या पटेल हुआ करता था। (iv) परगनों में न्याय का कार्य, हाकिम या आमिल या हवलगिर करता था। सही कूट का चयन कर उत्तर दीजिए-
सही उत्तर: i, ii, iii व iv
व्याख्या (Explanation)
न्याय का आधार परम्परागत सामाजिक एवं धार्मिक व्यवस्था थी। मुकदमों का कोई लिखित रिकार्ड नहीं रखा जाता था। गवाही सम्बन्धित कोई पृथक अधिनियम नहीं था।