चारण शैली को किस नाम से जाना जाता है -
सही उत्तर: डिंगल
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थानी भाषा एवं बोलियां से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 219 प्रश्नों में से यह पेज 22 है।
चारण शैली को किस नाम से जाना जाता है -
सही उत्तर: डिंगल
कवि सूर्यमल्ल मिश्रण की रचनाएं किस भाषा में है -
सही उत्तर: हाड़ौती
व्याख्या (Explanation)
कविराजा सूर्यमल्ल मिश्रान बूंदी साम्राज्य के राजकवि (कवि-इतिहासकार) थे। वह डिंगल, संस्कृत, प्राकृत, अपभ्रंश सहित छह भाषाओं में पारंगत थे और व्याकरण, तर्क, इतिहास और राजनीति के विद्वान थे। हाड़ौती बोली कोटा, बूँदी, बारां, झालावाड़ में बोली जाती है।
लालदासी एवं चारणदासी संप्रदायों का साहित्य किस भाषा में रचा गया है -
सही उत्तर: मेवाती
व्याख्या (Explanation)
लालदासी एवं चारणदासी संप्रदायों का साहित्य मेवाती भाषा में लिखा गया है, जिसे क्षेत्रीय बोली के रूप में माना जाता है।
पश्चिमी हिन्दी ओर राजस्थानी के मध्य सेतु का कार्य करती है -
सही उत्तर: मेवाती
पश्चिमी राजस्थानी का साहित्यक रूप है -
सही उत्तर: डिंगल
पुर्वी राजस्थानी का साहित्यक रूप है -
सही उत्तर: पिंगल
पूर्वी राजस्थानी की प्रमुख बोलीयां है -
सही उत्तर: ढुंढाड़ी, हाड़ौती
व्याख्या (Explanation)
जार्ज अब्राहम ग्रियर्सन ने राजस्थानी बोलियों के पारस्परिक संयोग एवं सम्बन्धों के विषय में लिखा तथा वर्गीकरण किया है। ग्रियर्सन का वर्गीकरण इस प्रकार है :- पश्चिमी राजस्थान में बोली जाने वाली बोलियाँ - मारवाड़ी, मेवाड़ी, ढारकी, बीकानेरी, बाँगड़ी, शेखावटी, खेराड़ी, मोड़वाडी, देवड़ावाटी आदि। उत्तर-पूर्वी राजस्थानी बोलियाँ - अहीरवाटी और मेवाती। मध्य-पूर्वी राजस्थानी बोलियाँ - ढूँढाड़ी, तोरावाटी, जैपुरी, काटेड़ा, राजावाटी, अजमेरी, किशनगढ़, नागर चोल, हड़ौती। दक्षिण-पूर्वी राजस्थानी बोलियाँ - रांगड़ी और सोंधवाड़ी दक्षिण राजस्थानी बोलियाँ - निमाड़ी आदि।
मारवाड़ी, मेवाड़ी, बागड़ी राजस्थानी के किस क्षेत्र की प्रमुख बोलियां है -
सही उत्तर: पश्चिमी राजस्थानी
राजस्थान की भाषा के लिए राजस्थानी शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम किसने किया था -
सही उत्तर: जार्ज अब्रहाम ग्रियर्सन